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राहुल गांधी Vs ECI थम नहीं रहा, अब नेता प्रतिपक्ष बोले- 'कुछ छिपा नहीं रहे तो सबूत दो, टालना ठीक नहीं'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और भारतीय चुनाव आयोग में वाक् युद्ध छिड़ गया है. महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के लेख पर चुनाव आयोग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. अब इस राहुल गांधी ने जवाब दिया है.

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Rahul gandhi respond to ECI
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के बयान पर पलटवार किया है (India Today)
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राघवेंद्र शुक्ला
7 जून 2025 (अपडेटेड: 7 जून 2025, 09:40 PM IST)
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राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच मामला तूल पकड़ने लगा है. राहुल के महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के आरोप पर चुनाव आयोग ने कहा कि ये ‘बेतुका’ और ‘कानून के शासन’ का अपमान है. अब राहुल ने इस पर पलटवार किया है. राहुल ने कहा कि गंभीर सवालों के जवाब देने का ये तरीका सही नहीं है. ये टाल-मटोल करने वाली बात है. राहुल ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है कि अगर उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो वह अपने दावों को साबित करे और लेख के सवालों का सबूतों के साथ जवाब दे.

'प्रिय चुनाव आयोग' से शुरुआत करते हुए राहुल ने ‘एक्स’ पर लिखा,

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राहुल ने आयोग से मांग की,

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अंत में राहुल ने लिखा, 

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क्या कहा था राहुल ने

बता दें, शनिवार 7 जून को इंडियन एक्सप्रेस में छपे अपने लेख में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी. चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाले पैनल में भी धांधली हुई. महाराष्ट्र चुनाव में प्रोविजनल और फाइनल वोटर टर्नआउट में 7 फीसदी से ज्यादा का अंतर था. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. अपने आर्टिकल को एक्स पर शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जैसी मैच फिक्सिंग बिहार चुनाव में भी हो सकती है.

ये भी पढ़ेंः राहुल गांधी के महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के आरोपों पर ECI का जवाब आया

चुनाव आयोग ने दिया जवाब

राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने इसे बेतुका बताया. उसने कहा कि आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को भेजे अपने जवाब में सारे तथ्य सामने रखे थे. ये चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मौजूद हैं. बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हुए इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है. आयोग ने आगे कहा कि किसी तरह की गलत सूचना फैलाना न केवल कानून का अपमान है बल्कि अपनी ही पार्टी के चुने गए हजारों प्रतिनिधियों की बदनामी भी है.  

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