OSM विवाद पर राहुल गांधी ने पूछे तीखे सवाल, कहा- 'CBSE ने खास वेंडर के लिए बदले नियम'
Rahul Gandhi on CBSE: राहुल गांधी ने एक पोस्ट में लिखा कि धुंधली कॉपियां, गायब पेज, स्कैन ना की गई आंसर शीट मात्र गलती नहीं हैं. उन्होंने इसे 'धोखा' बताया है. राहुल ने आरोप लगाया कि CBSE ने टेंडर की शर्तों में बदलाव किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए किया.

12वीं क्लास की कॉपी चेकिंग को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) बुरी तरह घिरा हुआ है. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी तीखे सवालों के साथ CBSE की घेराबंदी की. उन्होंने बोर्ड के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल दागे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 12वीं के छात्रों की कॉपी मोबाइल फोन से स्कैन की गई. जबकि पहले टेंडर की शर्त में स्कैन के लिए प्रोफेशनल एक्विपमेंट्स का होना जरूरी था. बाद में दूसरा टेंडर आया, जिसमें स्कैनर की कड़ी शर्तों को खत्म कर दिया गया.
31 मई को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12वीं के उन छात्रों से बात की, जो CBSE की कॉपी चेकिंग और उसकी कथित गड़बड़ियों को उजागर कर रहे हैं. एक छात्र सार्थक सिद्धांत ने भी CBSE के सामने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने X पर कॉपी स्कैन करने की क्वालिटी पर CBSE से सवाल किए थे. राहुल गांधी सार्थक की सपोर्ट में उतरे और लंबे-चौड़े पोस्ट में CBSE पर गंभीर सवाल किए.
राहुल गांधी ने X पर आंसर शीट की खराब स्कैनिंग पर अपनी बात रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि CBSE ने टेंडर में स्कैन की शर्तों को कमजोर किया, जिसके चलते COEMPT Edu Teck नामक एजेंसी ने अच्छे स्कैनर के बजाय मोबाइल फोन से छात्रों की कॉपी स्कैन की. 31 मई को राहुल ने X पर लिखा,
"CBSE के मई 2025 के टेंडर में यह शर्त थी कि आंसर शीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, उनकी स्पाइन (बाइंडिंग) सुरक्षित रहेगी और कम से कम 300 DPI रेजोल्यूशन पर (कॉपी को) स्कैन किया जाएगा."

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि CBSE ने अगस्त 2025 में दूसरा टेंडर निकाला, जिसमें स्कैन की शर्तों को कमतर कर दिया गया. उन्होंने कहा कि ये रियायत केवल एक खास वेंडर को टेंडर दिलाने के लिए की गई थी. राहुल ने लिखा कि बाद के टेंडर में 'स्कैनर' को सामान्य बना दिया गया. रेजोल्यूशन घटाकर 200 DPI कर दिया गया.

राहुल ने सार्थक सिद्धांत के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि धुंधली कॉपियां, गायब पेज, स्कैन ना की गई आंसर शीट मात्र गलती नहीं हैं. उन्होंने कहा कि ये उस कॉन्ट्रैक्ट का पहले से तय नतीजा है, जिसे किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था. राहुल गांधी ने इसे 'धोखा' बताया और कहा कि हर जिन बच्चों के मार्क्स का गलत मूल्यांकन हुआ है, इस धोखे का शिकार है.

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के पास आम पर बात करने के लिए तो समय था, लेकिन उनके पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बात करने का टाइम नहीं था, जिनकी आंसर शीट मोबाइल फोन से स्कैन की गई थीं. कांग्रेस लीडर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मंत्री पद पर बने रहने पर भी आपत्ति जताई.
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