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'अब चार गुना हिम्मत बढ़ गई है', राहुल गांधी से मिलने के बाद बोले मोहम्मद दीपक

Rahul Gandhi Meets Mohammad Deepak: राहुल गांधी ने दीपक के साथ अपने फोटो भी शेयर किए. राहुल गांधी ने जोर दिया कि भारत के हर युवा में दीपक की तरह एकता और साहस की लौ जलनी चाहिए.

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मौ. जिशान
| राहुल गौतम
23 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 03:19 PM IST)
Rahul Gandhi Meets Mohammad Deepak, Rahul Gandhi, Mohammad Deepak
नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (दाएं) के साथ दीपक कुमार (बाएं). (facebook.com/rahulgandhi)
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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के 'मोहम्मद दीपक' यानी दीपक कुमार से मुलाकात की. राहुल ने दीपक के साथ अपने फोटो भी शेयर किए. राहुल गांधी ने जोर दिया कि भारत के हर युवा में दीपक की तरह एकता और साहस की लौ जलनी चाहिए. उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले दीपक एक मुस्लिम दुकानदार को बचाकर चर्चा में आए थे.

आजतक के वरिष्ठ विशेष संवाददाता राहुल गौतम की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने दीपक के जिम की मेंबरशिप खरीदने का भरोसा दिया है, ताकि और लोग भी दीपक के सहयोग के लिए आगे आएं. सोमवार, 23 फरवरी को नई दिल्ली में राहुल और दीपक की मुलाकात हुई. दीपक के साथ उनके साथी विजय रावत भी थे.

राहुल गांधी ने मुलाकात के फोटो शेयर करते हुए लिखा,

"हर इंसान, एक समान. यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान. उत्तराखंड के भाई 'मोहम्मद दीपक' से मुलाकात - एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए."

दीपक ने भी राहुल के साथ बातचीत का अनुभव शेयर किया. उन्होंने बताया,

"हिम्मत तो पहले भी थी, अब चार गुना बढ़ गई है. जब राहुल जी ने फोन करके बुलाया है, तो सीधी सी बात है, 4 गुना हिम्मत बढ़ी है. दिल को कहीं ना कहीं बहुत खुशी भी है कि कम से कम कोई इंसान तो हमें समझ रहा है. वो ये तो समझ रहे हैं कि हमने किसी गलत के लिए आवाज नहीं उठाई, सही के लिए आवाज उठाई."

कांग्रेस पार्टी के साथ पहले से जुड़ाव के सवाल पर दीपक ने कहा,

"ऐसा नहीं है. मैं विचारधारा वाला आदमी हूं. मुझे जो इंसान ठीक लगता है, मैं उसका सपोर्ट करता हूं. मैं कांग्रेस को सपोर्ट करता हूं या भाजपा को सपोर्ट करता हूं, ऐसा कुछ नहीं है. मेरे मामले में जिसकी विचारधारा मेरे साथ मिलती है, मैं उसका सपोर्ट करता हूं."

कोटद्वार में 26 जनवरी की घटना के दिन दीपक के साथ उनके साथी विजय रावत भी मौजूद थे. जब विजय से पूछा गया कि घटना के बाद उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आए, तो उन्होंने बताया,

"जिंदगी में बहुत कुछ बदला है, लेकिन हमें बहुत अच्छा लगा कि हमें देश से बहुत प्यार मिला जिसके लिए मैं देश को भी धन्यवाद देना चाहता हूं. बहुत लोग हमसे कोटद्वार भी मिलने आए. फिर हमें लगा कि हमें इस कारवां को आगे बढ़ाना चाहिए. इसलिए हम दोनों ने 'इंसानियत जोड़ो यात्रा' के बारे में सोचा है. हमने इसका वीडियो भी वायरल किया है. फिलहाल इस बारे में हमने लोगों की राय ली है. अब देखते हैं एक-दो महीने में जैसा भी रहता है, हम इस यात्रा को निकालेंगे और हमें पूरे देश में इंसानियत फैलानी है."

26 जनवरी को क्या हुआ था?

26 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने 70 साल के मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद की दुकान में घुसकर उन्हें परेशान करने की कोशिश की. उनसे कहा गया कि दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाया जाए. जब यह घटना हो रही थी, तब दीपक ने उन लोगों का विरोध किया. जब भीड़ ने उनसे उनका नाम पूछा तो उन्होंने कहा कि उनका नाम 'मोहम्मद दीपक' है.

यह भी पढ़ें- मोहम्मद दीपक ने मुस्लिम दुकानदार को बचाया, क्या खुद का जिम बचा पाएंगे?

वीडियो वायरल होने के बाद 31 जनवरी को बजरंग दल के कुछ सदस्य दीपक से सवाल करने और उनका विरोध करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. पूरे मामले में पुलिस ने दीपक कुमार और विजय रावत के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया. हालांकि, 31 जनवरी के बवाल में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने अज्ञात में FIR दर्ज की, जबकि वीडियो में कई लोगों के चेहरे साफ़ नजर आ रहे थे.

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