राहुल गांधी को नरवणे की किताब पर बोलने की इजाजत मिल गई?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और स्पीकर ओम बिड़ला के बीच समझौता हो गया है. ऐसा राहुल गांधी ने बताया, कि स्पीकर के साथ बातचीत के बाद एक सहमति बनी है, जिसमें उन्हें सदन में कुछ ऐसी बातें कहने की इजाजत दी जाएगी, जो वो कहना चाहते थे.
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क्या लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब पर बोलने की इजाजत मिल गई है? इस मुद्दे को लेकर लंबे गतिरोध के बाद राहुल गांधी ने सोमवार, 9 फरवरी को दावा किया कि स्पीकर ओम बिरला से उनका समझौता हो गया है. उन्होंने कहा कि चेंबर में स्पीकर से मुलाकात के बाद इस बात पर सहमति बनी है कि कुछ चीजें जो वह सदन में बोलना चाहते हैं, उसकी इजाजत दी जाएगी.
हालांकि राहुल गांधी ने ये स्पष्ट नहीं किया कि किन बातों को बोलने की इजाजत उन्हें मिली है. इसी बीच, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने उनके इस दावे को सदन में खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि स्पीकर ने ऐसा कोई कमिटमेंट नहीं किया है और अगर नेता प्रतिपक्ष स्पीकर पर आरोप लगाएंगे तो उसका जवाब भी मिलेगा.
सोमवार, 9 फरवरी को राहुल गांधी फिर से सदन में बोलना चाहते थे, लेकिन कुर्सी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नहीं थे बल्कि वरिष्ठ सांसद संध्या राय बैठी थीं. राहुल गांधी ने उनसे कहा कि वो स्पीकर के पास एक घंटा पहले गए थे. उन्होंने कहा है कि बजट पर चर्चा से पहले राहुल गांधी अपनी कुछ बातें रख सकते हैं. राहुल ने आसन पर बैठीं संध्या राय से पूछा कि क्या वह अपने पॉइंट्स रख सकते हैं?
इस पर संध्या राय ने जवाब दिया कि अभी किसी भी विषय को लेकर कोई नोटिस उन्हें नहीं मिला है, इसलिए सिर्फ बजट पर चर्चा होगी. तभी संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू खड़े हुए और कहा कि जब कांग्रेस नेता स्पीकर से बात करने उनके चैंबर में गए थे, तब वह भी वहां थे. वो ये पुष्टि करना चाहते हैं कि स्पीकर ने ऐसा कोई कमिटमेंट नहीं दिया है.
रिजिजू ने कहा,
वेणुगोपाल जी ने स्पीकर से कहा कि हम अपने लीडर ऑफ अपोजिशन से कुछ बुलवाना चाहते हैं. लेकिन इससे पहले हमने ये तय कर लिया कि वो (राहुल गांधी) किस विषय पर बात करेंगे. अगर स्पीकर पर आरोप लगाएंगे तो स्पीकर का जवाब भी आएगा. ये सब चीजें तय करके ही हम आपको परमिशन देंगे.
रिजिजू ने आगे ये भी दावा किया कि स्पीकर ने यह कहा है कि अगर बातचीत बन जाती है तो आपको बोलने के लिए समय देंगे और बाकी दल के नेताओं को भी देंगे. यह नहीं कहा कि सिर्फ कांग्रेस को ही देंगे.
राहुल गांधी से सदन के बाहर जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्पीकर से उनकी बात हुई है. कुछ बातें हैं जो वो हाईलाइट करना चाहते हैं. राहुल ने कहा,
सबसे पहले तो मुझे बोलने नहीं दिया गया. दूसरा, हमारे MP को सस्पेंड कर दिया गया. तीसरा, बीजेपी के एक MP जो कहना चाहते थे, कहते रहे और एक किताब से कोट भी किया. उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘आखिरी मुद्दा, जिससे हम बेहद परेशान हैं, वो ये है कि एक बात फैलाई गई कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री पर हमला करना चाहते थे. इसका सवाल ही नहीं उठता. ये बहुत परेशान करने वाली बात है.'
कांग्रेस नेता ने अपने आरोप दोहराए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आने से ‘डरे’ हुए थे. वह सांसदो की वजह से नहीं बल्कि वह जो बातें कहना चाहते थे, उनसे डर गए थे.
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