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'व्यवस्था ठीक नहीं थी इसलिए... ' जगन्नाथ यात्रा में भगदड़ में 3 की मौत के बाद श्रद्धालुओं ने उठाए सवाल

Jagannath Rath Yatra Stampede: पुरी में रथ यात्रा के दौरान गुडिंचा मंदिर के बाहर भगदड़ मची. तीन लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक़, घायलों को तुरंत पुरी ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है. कुछ श्रद्धालुओं ने बताया है कि कैसे मची भगदड़?

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29 जून 2025 (अपडेटेड: 29 जून 2025, 10:38 AM IST)
Jagannath Rath Yatra Stampede
घटना शरधाबली के पास श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने हुई. (फ़ाइल फ़ोटो- PTI)
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ओड़िशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ में तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि 50 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. रविवार, 29 जून को तड़के क़रीब 4.30 बजे ये हादसा हुआ. शरधाबली इलाके के पास श्री गुंडिचा मंदिर के सामने श्रद्धालु भारी संख्या में जमा हुए थे. तभी वहां धक्का-मुक्की हुई और भगदड़ मच गई.

इंडिया टुडे से जुड़े अजय कुमार नाथ की रिपोर्ट के मुताबिक घायलों को तुरंत पुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है. इंडिया टुडे के इनपुट के मुताबिक़, पुरी ज़िले के कलेक्टर सिद्धार्थ एस स्वैन ने बताया,

ये घटना उस समय हुई, जब सैकड़ों श्रद्धालु श्री गुंडिचा मंदिर के पास दर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे. भीड़ अचानक बढ़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. आपातकालीन सेवाओं को तुरंत शुरू किया गया. घायलों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी है.

मृतकों की पहचान बोलागढ़ की बसंती साहू, प्रेमकांत मोहंती और बालीपटना की प्रवती दास के रूप में हुई है. ये सभी खुर्दा जिले के निवासी हैं. उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस बीच, भगदड़ में अपनी पत्नी को खोने वाले एक व्यक्ति ने न्यूज़ एजेंसी ANI को बताया,

जब ये घटना हुई, तो किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. न ही फ़ायरब्रिगेड के अधिकारियों ने, न ही बचाव दल ने, न ही अस्पताल की टीम ने. ये एक दयनीय घटना है, जिसे जाहिर नहीं किया जा सकता...

वहीं, पुरी के रहने वाले स्वाधीन कुमार पंडा ने ANI को बताया,

मैं कल रात 2-3 बजे तक मंदिर के पास ही था. लेकिन प्रबंधन ठीक नहीं था. VIP के लिए नया रास्ता बनाया गया था. और आम लोगों को दूर से ही बाहर निकलने को कहा गया था. लोग एंट्री गेट से ही बाहर निकलने लगे, जिससे भीड़ बढ़ गई. यातायात व्यवस्था भी ठीक नहीं थी. क्योंकि कई अनऑथोराइज़्ड पास वाले वाहन मंदिर के पास आ गए. प्रशासन ने भीड़ को ठीक से कंट्रोल नहीं किया. सबसे बड़ी समस्या एग्जिट गेट की थी. रथ यात्रा के दिन भी कई लोगों की मौत हुई. लेकिन सरकार और प्रशासन ने इसका खुलासा नहीं किया. कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ. आज तीन लोगों की मौत हुई है - 2 महिलाएं, एक पुरुष. इसके लिए ओडिशा प्रशासन ज़िम्मेदार है. रात में वहां कोई पुलिस, प्रशासन नहीं था...

अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. एक अधिकारी ने इंडिया टुडे से कहा,

हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि भीड़ क्यों उमड़ी और क्या भीड़ को कंट्रोल करने में कोई चूक हुई थी.

ये भी पढ़ें- बेंगलुरु भगदड़: क्या 11 जिंदगियां बचाई जा सकती थीं?

पुरी की रथ यात्रा देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है. हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं. रथयात्रा के दौरान भगवान को श्रीमंदिर से बाहर लाकर श्रीगुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है. जहां वो कुछ दिन विश्राम करते हैं.

अनुमान है कि भव्य रथों को पुरी की सड़कों पर खींचकर लाने वाली सालाना रथ यात्रा में लगभग दस लाख श्रद्धालु भाग लेते हैं. इससे पहले, 28 जून को ओडिशा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) संजय कुमार ने भी कहा था कि उन्हें पुरी में लगभग 10 से 12 लाख भक्तों के इकट्ठा होने की उम्मीद है.

वीडियो: जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़, 500 लोग घायल, 8 की स्थिति गंभीर

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