पंजाब से पकड़ा गया 'गद्दार', CCTV कैमरों से पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी
आरोपी Baljit Singh Bitu जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर CCTV कैमरे लगा रहा था. आरोप है कि इन कैमरों से वह पाकिस्तानी हैंडलर्स को सेना की मूवमेंट की लाइव फीड भेजने का काम करता था.

‘भारत की लड़ाई दो फ्रंट पर नहीं बल्कि ढाई मोर्चों पर है. सेनाएं इसके लिए पूरी तरह तरह तैयार हैं.’ ये शब्द हैं भारत के पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के. 2 फ्रंट से उनका इशारा चीन और पाकिस्तान की ओर था. वहीं आधे फ्रंट से वो उन दुश्मनों की बात कर रहे थे जो इसी देश में बैठे हैं. ऐसा ही एक मामला पंजाब से सामने आया है. यहां बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू नाम के एक शख्स को सेना की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बलजीत पर आरोप है कि वो उन रास्तों पर सीसीटीवी लगा रहा था, जहां से सेना की मूवमेंट होती है.
कौन है जासूसी का आरोपी बलजीत सिंह बिट्टू?सेना की जासूसी का आरोपी बलजीत सिंह बिट्टू पठानकोट के चक धारीवाल का रहने वाला है. उसे पठानकोट पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने गिरफ्तार किया है. इंडिया टुडे से जुड़ी पत्रकार कमलजीत कौर संधू की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को अपने मुखबिरों से बलजीत के बारे में टिप मिली थी. आरोप है कि बलजीत ने सुजानपुर इलाके में पंजाब-जम्मू हाईवे पर ब्रिज नंबर 4 और 5 के बीच सीसीटीवी कैमरे लगाए थे.
पुलिस ने क्या बताया?पुलिस के अनुसार, इन कैमरों का इस्तेमाल पंजाब और जम्मू को जोड़ने वाले हाईवे पर सुरक्षाबलों की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था. आरोप है कि इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड और निगरानी से जुड़ी जानकारियां इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पाकिस्तान में बैठे उसके हैंडलर्स और दूसरे राष्ट्र-विरोधी तत्वों को भेजी जा रही थीं. पुलिस ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है. इस मामले पर जानकारी देते हुए पठानकोट के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया,
आरोपी पाकिस्तान के लिए जासूसी की गतिविधियों में शामिल था और सुजानपुर में हाईवे के इलाके से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था. आरोपी कथित तौर पर अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए ये गतिविधियां कर रहा था. जांच के दौरान उसके तीन और साथी भी सामने आए हैं और इस मामले में अभी और खुलासे हो सकते हैं.
फिलहाल आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 111, 113(3) और 152 के तहत केस दर्ज किया गया है. साथ ही, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक केवल बलजीत सिंह को ही गिरफ्तार किया गया है. ये जासूसी नेटवर्क कितना फैला है, इसका पता लगाने और बाकी आरोपियों का क्या रोल था, इसकी पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.
वीडियो: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले जसबीर, ज्योति जैसे लोगों के बारे में डीजीपी पंजाब को क्या बताया?


