आतंकी या ड्रग सिंडिकेट का हाथ... बॉर्डर के पास नाके पर पंजाब पुलिस के जवानों को किसने मारा?
Punjab Police ASI and Home Guard Murder: दोनों जवान पुलिस नाके पर तैनात थे, रात में दोनों को गोली मारी गई, जिससे मौत हो गई. सोशल मीडिया पर जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) नाम के एक आतंकी संगठन के पोस्टर और वीडियो वायरल होने लगे. हालांकि पुलिस ड्रग्स और गैंगवार के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

पंजाब के गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है. घटना बॉर्डर से मात्र दो किलोमीटर दूर हुई है. इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में आ गई हैं. कथित तौर पर 'अल-बुराक ब्रिगेड तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' नाम के एक आतंकी संगठन ने भी घटना की जिम्मेदारी ली थी.
हालांकि अमृतसर के बॉर्डर रेंज के DIG संदीप गोयल ने आतंकी संगठन के दावे को पूरी तरह से फर्जी बताया है. लेकिन पुलिस का कहना है कि वह हर एंगल से पूरे मामले की जांच कर रही है. इसमें आतंकी एंगल भी शामिल हैं. इसके अलावा आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इलाके में कुछ दिन पहले बड़ी मात्रा में ड्रग्स भी बरामद हुई थी. इसलिए पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है.
क्या है मामला?फिलहाल इस पूरे मामले पर कुछ भी साफ नहीं हो पाया है कि दोनों पुलिसकर्मियों की मौत की वजह क्या थी. मालूम हो कि 21-22 फरवरी की दरमियानी रात गुरदासपुर के दोरांगला थाना क्षेत्र के गांव आदिया में स्थित एक चेकपोस्ट पर दो पुलिसकर्मी मृत पाए गए थे. मृतकों की पहचान ASI गुरनाम सिंह और होम गार्ड जवान अशोक कुमार के रूप में हुई थी. दोनों के सिर पर गोली लगने के निशान मिले थे.
दोरांगला थाना प्रभारी बनारसी दास के मुताबिक घटना का पता तब चला, जब सुबह 7:30 बजे दोनों जवानों ने फोन नहीं उठाया. इसके बाद पुलिस की एक टीम चेक पोस्ट पर पहुंची तो, दोनों जवान मृत पड़े हुए थे. उन्होंने आजतक को बताया कि एएसआई गुरनाम सिंह कुर्सी पर मृत पड़े थे और उनके दोनों हाथ उनकी जेब में थे. वहीं, होम गार्ड अशोक कुमार पास ही बेंच पर लेटे हुए थे. थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों मृतक जवान बॉर्डर की 'सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस' के तौर पर तैनात थे.
मौके से दोनों जवानों के सर्विस हथियार और मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं. शुरू में थ्योरी दी जा रही थी कि दोनों जवानों ने एक दूसरे को गोली मार दी होगी. हालांकि, दोनों मृतकों के परिवारवालों ने इसे गलत बताया है. दोनों मृतकों के घरवालों का दावा है कि दोनों के सर्विस हथियार पूरी तरह से लोडेड थे. उनका कहना है कि इससे साबित होता है कि दोनों की एक-दूसरे की गोली मारने की बात गलत है.
आतंकी एंगलमृतकों के परिवार का यह भी कहना है कि जिस हालत में उनके शव मिले, इससे लगता है कि दोनों को सोते समय गोली मारी गई थी. इधर, घटना के बाद सोशल मीडिया पर जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) नाम के एक संगठन के पोस्टर और वीडियो भी वायरल होने लगे. हालांकि आजतक के मुताबिक पुलिस सूत्रों का कहना है कि भारत या पंजाब में इस नाम का कोई भी संगठन एक्टिव नहीं है.
पुलिस को आशंका है कि मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर पाकिस्तान स्थित कुछ समूह AI से नकली पोस्टर और वीडियो बना रहे हैं. घटना को लेकर पुलिस की जांच में एक सीसीटीवी फुटेज भी बरामद हुई है. इस फुटेज में चेकपोस्ट के पास रात में 1:30 बजे के करीब कुछ लोग दो बाइक से जाते हुए दिख रहे हैं. हालांकि पुलिस का मानना है कि यह स्थानीय लोग भी हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस इन लोगों को भी खोज रही है.
यह भी पढ़ें- आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में 8 संदिग्ध गिरफ्तार, ISI-बांग्लादेश से जुड़े होने का दावा
सियासत गरमाईघटना पर राज्य की सियासत भी गरमा गई है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इसकी गहन जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने इसे 2016 में हुए पठानकोट एयरबेस हमले से जोड़ते हुए कहा कि तब भी हमले से पहले एक एसपी को किडनैप किया गया था. उनका कहना है कि यदि सीमा पार से ड्रोन और ड्रग्स लाए जा सकते हैं, तो वे हथियार भी ला सकते हैं. यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मसला है.
वहीं गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने पुलिस की इस आशंका को खारिज किया है कि जवानों ने एक-दूसरे को गोली मारी होगी. उन्होंने कहा कि विजुअल सबूत बताते हैं कि जवान सो रहे थे या बैठे थे. बिस्तर के पीछे रखी राइफल से खुद को या दूसरे को गोली मारना शारीरिक रूप से नामुमकिन है.
वीडियो: आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामले में निखिल गुप्ता ने कोर्ट को क्या बताया?

.webp?width=60)


