क्रेडिट कार्ड का बिल न देने पर बीच सड़क बहुत मारा, एजेंट्स को RBI के नए नियमों का भी डर नहीं
पुणे में एक शख्स को कुछ लोगों ने बीच सड़क घेर लिया. ये रिकवरी एजेंट्स थे जो क्रेडिट कार्ड का बकाया बिल न चुकाने के कारण ऐसा कर रहे थे. शुरुआत में ये सिर्फ पैसों की रिकवरी का मामला था, लेकिन देखते ही देखते ये मामला हिंसक झड़प में बदल गया.

क्या लोन रिकवरी के नाम पर कानून की धज्जियां उड़ाई जा सकती हैं? किसी को सरेआम बीच सड़क पीटा जा सकता है. पुणे के हडपसर इलाके से सामने आया एक मामला इसी सवाल को हमारे सामने खड़ा करता है. यहां दिनदहाड़े एक शख्स को घेरकर पीटा गया. वजह ये थी कि उस पर क्रेडिट कार्ड का बकाया था. लेकिन ये मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है, जहां वसूली के नाम पर कानून और इंसानियत दोनों ही नजर नहीं आते. क्या है पूरी घटना, विस्तार सेे समझते हैं.
क्या है पूरा मामला?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना 27 अप्रैल की बताई जा रही है. मामला पुणे के हडपसर इलाके में 15 नंबर चौक के पास का है. यहां एक शख्स को कथित तौर कुछ लोगों ने घेर लिया. ये रिकवरी एजेंट्स थे जो क्रेडिट कार्ड का बकाया बिल न चुकाने के कारण ऐसा कर रहे थे. शुरुआत में ये सिर्फ पैसों की रिकवरी का मामला था, लेकिन देखते ही देखते ये मामला हिंसक झड़प में बदल गया. अब इस वाकये का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग एक शख्स को सड़क पर बुरी तरह से पीट रहे हैं. वो डरा हुआ नजर आ रहा है. वो रोड पर नीचे बैठा हुआ है और दो लोग उसे लात-घूंसों से पीट रहे हैं. वीडियो में एक महिला भी पीड़ित के साथ नजर आ रही है. महिला लगातार उसे बचाने की कोशिश करती है. वो एजेंट्स से गुहार लगा रही है कि छोड़ दो, अब मत मारो. उसकी आवाज और बेबसी इस पूरी घटना को और भी गंभीर बना देती है.
पैसे देने को तैयार थे फिर क्यों हुई मारपीट?NDTV Profit की खबर के मुताबिक, रिकवरी एजेंट्स ने रास्ते में रोककर तुरंत बिल भरने को कहा था. इसी बात पर कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला. पीड़ित और कथित रिकवरी एजेंट्स को पूछताछ के लिए पुलिस आपने साथ ले गई. इसके बाद खबर आई कि पुणे पुलिस ने इस मामले में एक प्राइवेट फाइनेंशियल कंपनी के तीन रिकवरी एजेंट्स को गिरफ्तार किया है.
The Print की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि आरोपी जय कासर, विनीत कासर और तनिष्क खुडे ने पीड़ित से असल बकाया से ज्यादा पैसे मांगे और मना करने पर उसे खुले तौर पर बेइज्जत करने की धमकी दी. पीड़ित का नाम संदीप जामदार बताया जा रहा है. संदीप एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है.
इस मामले पर जानकारी देते हुए हडपसर थाने के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले ने बताया,
‘जब संदीप ने एक्स्ट्रा पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर पीटा. तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (जबरन वसूली) और 118 (हमला) के तहत मामला दर्ज किया गया है.’
लोन रिकवरी के लिए क्या नियम हैं?भारतीय रिजर्व बैंक के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन किसी भी ग्राहक को वसूली के दौरान न तो धमकी दे सकते हैं और ना ही शारीरिक बल का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये नियम थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंट्स पर भी लागू होते हैं. लेकिन जमीनी स्तर पर अक्सर इन नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती रहती हैं.
RBI ने बैंकों और उनके रिकवरी एजेंट्स के लिए नए नियम भी बनाए हैं, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे. इसके तहत रिकवरी एजेंट-
- गाली-गलौज या बदतमीजी नहीं कर सकते
- डरा-धमका नहीं सकते
- बार-बार या छुपे नंबर से फोन नहीं कर सकते
- तय समय के बाहर कॉल या मिलने नहीं जा सकते
- किसी को सबके सामने बेइज्जत नहीं कर सकते
- परिवार, दोस्तों या ऑफिस वालों को परेशान करना गलत तरीके से वसूली मानी जाएगी
- हर बैंक को शिकायत करने का सिस्टम बनाना होगा. ताकि लोग अपनी परेशानी आसानी से बता सकें
ये घटना सिर्फ एक शहर या एक व्यक्ति की नहीं है. सवाल ये है कि क्या कर्ज वसूली के नाम पर कानून और मानवीय मर्यादाओं को दरकिनार किया जा रहा है? वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा साफ दिख रहा है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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