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'अविमुक्तेश्वरानंद साथ सोने को कहते थे', आशुतोष ब्रह्मचारी की FIR में क्या-क्या लिखा है?

झूंसी थाने में FIR दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को अपराधी बताया. साथ ही कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ खुद कई मुकदमे दर्ज हैं और उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री होने का भी आरोप लगाया.

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प्रगति पांडे
| पंकज श्रीवास्तव
22 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 22 फ़रवरी 2026, 08:45 PM IST)
Swami Avimukteshwaranand
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज. (फोटो- इंडिया टुडे)
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प्रयागराज के रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर झूंसी थाने में FIR दर्ज कर ली गई. इस मामले में 2 से 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले में BNS की धारा 351(2)और POCSO Act की धारा 5 ,6, 3, 4(2), 16 और 17 में मामला दर्ज किया है. वहीं, झूंसी थाने में FIR दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को अपराधी बताया और कहा कि उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं. 

एफआईआर में क्या लिखा है?

झूंसी थाने में दर्ज शिकायत में लिखा है,

खुद को शंकराचार्य बताने वाले अविमुक्तेश्वरानंद और उसके शिष्यों ने गुरुकुल में शिक्षा और सेवा के नाम पर दो नाबालिग बच्चों के साथ कई बार यौन शोषण किया. महाकुंभ 2025 के दौरान मेला क्षेत्र में भी दोनों का यौन शोषण किया गया. माघ मेला 2026 के दौरान भी दोनों बच्चों के साथ फिर से यौन उत्पीड़न किया गया. रात के समय आरोपी के शिष्य ये कहकर उन पर दबाव बनाते थे कि यह गुरुसेवा है. इससे आशीर्वाद मिलेगा. 

एफआईआर में आरोप लगाया गया कि ‘बच्चों ने शिकायत करने वाले (आशुतोष ब्रह्मचारी) को यह भी बताया कि यौन उत्पीड़न के साथ-साथ उनसे और भी कई काम जबरन कराए जाते थे. अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें साथ सोने को कहते थे और नग्न करके बार-बार यौन शोषण करते थे. माघ मेला में भी शिविर के बाहर खड़ी गाड़ी में अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों का बारी-बारी से उत्पीड़न किया. पीड़ितों में से एक नाबालिग है और एक बालिग लड़का भी है, जिसे बलपूर्वक निर्वस्त्र करके गंभीर यौन अपराध किया गया. इस मामले में प्रयागराज के पुलिस अधिकारियों को ईमेल से और डाक द्वारा भी शिकायत भेजी गई लेकिन आज तक केस दर्ज नहीं किया गया. बाद में शिकायतकर्ता को धमकियां मिलीं, जिसके बाद ये मामला लेकर कोर्ट जाना पड़ा.’

वार-पलटवार का दौर

बता दें कि शनिवार, 21 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. इसके बाद उन्होंने याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुद कई आपराधिक मामलों के आरोपी हैं और शामली के थाने में हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में उनका नाम दर्ज है.  

इंडिया टुडे से जुड़े पंकज की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने भी पलटवार किया. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद से सवाल करते हुए कहा कि वह (अविमुक्तेश्वरानंद) किसी थाने से या कोर्ट से ऐसा कोई एविडेंस सार्वजनिक करें, जिससे ये साबित होता हो कि वह (आशुतोष ब्रह्मचारी) अपराधी हैं. अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर आरोप लगाते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि इन लोगों ने उनके खिलाफ 21 मुकदमों की फर्जी लिस्ट वायरल कराई. इसे लेकर भी उन्होंने कथित तौर पर एफआईआर कराया है. 

आज तक से बात करते हुए आशुतोष महाराज ने दावा किया कि पुलिस ने साफ किया है कि उन लोगों ने ऐसी कोई लिस्ट स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नहीं दी है और न ही उस लिस्ट पर कोई मोहर लगाई गई है. ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनका कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं है. उनके खिलाफ जो भी केस हैं वो केवल ‘धार्मिक लड़ाई’ के कारण दर्ज किए गए हैं. 

FIR पर अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा?

वहीं, FIR के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आजतक से खास बातचीत में बताया कि पुलिस को जो उचित लगेगा, वो करेगी और हम उसका पूरा सहयोग करेंगे. जमानत की कवायद पर उन्होंने कहा कि लीगल टीम को इजाजत दे दी गई है. वो कानूनी रूप से जो उचित लगेगा, वो करेंगे. पुलिस पर भरोसे के सवाल पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,

जब मुखिया (योगी आदित्यनाथ) ही साफ-साफ संदेश दे रहा है तो पुलिस उस संदेश के अनुसार ही काम करती है. इसलिए पुलिस को जो करना होगा करेगी. हम दूसरे प्रदेश की पुलिस कहां से मंगवा लेंगे. जो कुछ करना होगा वे करेंगे. फिर लोग देखेंगे कि इन्होंने क्या किया है? उसी के आधार पर लोग भी अपना निर्णय लेंगे. जनता अपना निर्णय लेगी. नीचे और ऊपर 2 न्यायालय हैं. उनको जनता को देखना है और हमें जनता न भी देखे तो चलेगा. हमें तो ऊपर भी देखना है.

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बहुत सारे वकीलों ने उन्हें प्रस्ताव दिया कि उनका लीगल मैटर वो देखना चाहते हैं. इसके लिए वो फीस नहीं लेंगे. उन्हीं में से कुछ लोगों को उन्होंने केस लड़ने की इजाजत दे दी है. ऐसे में केस पर जो भी फैसला लेना होगा, वही लेंगे. उन्होंने कहा, 

प्रयागराज के झूंसी थाने की पुलिस के आने पर विद्यामठ आश्रम के दरवाजे उनके लिए खुले रहेंगे. वो जांच में सहयोग करेंगे. आगत का स्वागत हमारा हमेशा से नियम रहा है. जो आता है उसका स्वागत होता है. पुलिस वाले आएंगे तो उनका भी होगा.

वीडियो: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदस्वामी के खिलाफ यौन शोषण केस में FIR दर्ज करने का आदेश

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