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BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, प्रोटेस्ट में पहुंचे थे प्रशांत किशोर, मार्च निकाल रहे थे छात्र

Prashant Kishore ने दावा किया है कि सरकार ने स्टूडेंट्स से बातचीत करने की पहल की है. उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.

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रवि सुमन
| शशि भूषण कुमार
29 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 29 दिसंबर 2024, 07:58 PM IST)
BPSC Protest MarchPrashant Kishore From Gandhi Maidan to Nitish Kumar Residence
PPSC Protest में छात्रों के बीच प्रशांत किशोर. (तस्वीर: ANI)
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बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन (BPSC Protest) जारी है. छात्रों ने ‘क्वेश्चन पेपर’ लीक होने का आरोप लगाया है. और वो दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं. इसी क्रम में आज यानी 29 दिसंबर को पटना के गांधी मैदान में “छात्र संसद” बुलाई गई थी. प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद इसमें हजारों लोग पहुंचे थे. यहां जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर (Prashant Kihsore) भी पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया है.

छात्रों के साथ प्रशांत किशोर, गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च के लिए निकले थे. लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उनको बीच में ही रोक दिया. उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोका गया. यहां पुलिस ने दूसरा बैरिकेड लगाया था. छात्रों ने इस बैरिकेड को भी तोड़ दिया है. लाठीचार्ज के बावजूद छात्र डाक बंग्ला चौक की ओर बढ़ रहे थे.

गांधी मैदान में प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में छात्रों का जीवन कई सालों से बर्बाद हो रहा है. इसलिए एक दिन नारा लगाने से कुछ नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ये एक लंबी लड़ाई और इसको अंजाम तक पहुंचाना होगा. प्रशांत ने किसान आंदोलन का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि किसान सालों तक डेरा डालकर बैठे रहे, तभी कुछ सुनवाई हुई.

उन्होंने बिहार में डोमिसाइल नीति में बदलाव, पेपर लीक और नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की मांग की. प्रशांत ने अभ्यर्थियों को एकजुट रहने की बात कही है.

ये भी पढ़ें: प्रशांत किशोर सलाह देने के लेते हैं 100 करोड़, कितने राज्यों में उनकी बनाई सरकार? सब खुद बताया

पुलिस और छात्रों में तनाव

प्रशासन से गांधी मैदान में जमा होने की अनुमति नहीं मिली थी. इसलिए मैदान के सभी गेट को बंद कर दिया गया था. इसके कारण छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी. पुलिस ने माइक पर सबको वहां से हटने को कहा. इसके बावजूद छात्र वहां डटे रहे.

प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि सरकार ने स्टूडेंट्स से बातचीत करने की पहल की है. उन्होंने कहा है कि सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. CPIML के छात्र संगठन AISA ने इस मामले को लेकर 30 दिसंबर को बिहार बंद और चक्का जाम का एलान किया है.

वीडियो: प्रशांत किशोर ने किया BPSC प्रोटेस्ट के बीच क्या बड़ा ऐलान कर दिया?

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