'समझ की कमी... अल्पसंख्यक तो यहां 20% हो गए', नीदरलैंड के पीएम को भारत का जवाब
PM Modi's Netherlands visit: पीएम मोदी की विजिट से ठीक पहले नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने भारतीय अल्पसंख्यकों और प्रेस फ्रीडम को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर काफी दबाव बढ़ रहा है. इसपर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है.

16 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड गए थे. उनकी विजिट से ठीक पहले नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने भारतीय अल्पसंख्यकों को लेकर एक बयान दिया था. भारत में मीडिया की आज़ादी पर भी टिप्पणी की थी. नीदरलैंड के अखबार De Volkskrant के मुताबिक, पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘डच सरकार को भारत में हो रहे हालात को लेकर चिंता है. ये सिर्फ प्रेस की आज़ादी का मामला नहीं है. बल्कि वहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी काफी दबाव बढ़ रहा है. इन चिंताओं को भारत सरकार के सामने बार-बार उठाया जाता है.’
वैसे तो ये भारत का आंतरिक मामला है. और किसी भी दूसरे देश को भारत के मामलों में बोलने की अनुमति नहीं है. लेकिन जब बयान आया तो जवाब भी मांगा गया. भारतीय विदेश मंत्रालय (वेस्ट) के सचिव सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस तरह के सवाल 'समझ की कमी' की वजह से पूछे जाते हैं. जब भारत आज़ाद हुआ था तो अल्पसंख्यकों की आबादी 11% थी. और, अब ये दोगुने से ज़्यादा हो गई है. ऐसे में उनके अधिकारों के दबाए जाने का सवाल ही नहीं उठता.
सीबी जॉर्ज ने क्या कहा?सिबी जॉर्ज ने अपने बयान में कहा,
‘भारत 1.4 अरब लोगों का देश है और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है. भारत की सभ्यता लगभग 5 हजार साल पुरानी है. भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता है. दुनिया में शायद ही कोई दूसरा देश हो जहां इतने सारे धर्म पैदा हुए हों. हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म, ये सभी भारत में शुरू हुए और आज भी यहां फल-फूल रहे हैं. भारत उन गिने-चुने देशों में है जहां यहूदी समुदाय को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा.'
इसके बाद सिबी जॉर्ज ने हाल में हुए विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि भारत जीते-जागते लोकतंत्र वाला देश है. जहां शांति के साथ सत्ता परिवर्तन होता है. सिबी जॉर्ज ने कहा,
‘हमने गरीबी खत्म करने के लिए हिंसा का रास्ता कभी नहीं चुना. बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से गरीबी मिटाने की कोशिश की. जब भारत आजाद हुआ था, तब अल्पसंख्यकों की आबादी 11% थी, जो अब बढ़कर 20% से ज्यादा हो गई है.’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जब प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड पहुंचे तो इस मामले को नहीं उठाया गया. और ना ही नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से कोई सवाल किया गया. नीदरलैंड में रॉब जेनेट से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच स्पेस ट्रैवल और समुद्र सुरक्षा पर बात हुई. पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया कि पीएम रॉब जेटेन के साथ रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक प्लान बनाने की संभावना पर बात हुई. इसके अलावा अंतरिक्ष यात्रा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी काम करने की सहमती बनी.
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