पत्रकार हेले लिंग के सोशल अकाउंट ब्लॉक, PM मोदी पर सवालों से बचने का लगाया था आरोप
PM Modi's Norway visit: पीएम मोदी से सवाल पूछने वाली हेले लिंग ने आरोप लगाया है कि उनका इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट सस्पेंड हो गया है. उन्होंने X अकाउंट पर लिखा कि ये प्रेस फ्रीडम के लिए चुकाई जाने वाली छोटी सी कीमत है.

पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान उन पर सवाल से बचने का आरोप लगाने वाली जर्नलिस्ट हेले लिंग ने अब एक नया दावा किया है. हेले ने आरोप लगाया है कि उनका इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट सस्पेंड हो गया है. X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, ‘मैं अधिक से अधिक भारतीयों को जवाब देना चाहती थी, लेकिन अब मेरे जवाबों में देरी होगी. मुझे उम्मीद है कि मेरे अकाउंट वापस मिल जाएंगे.’
इसके अलावा उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की. जिसमें उन्होंने बताया कि वे दिनभर इंस्टाग्राम लॉग-इन करने के लिए स्ट्रगल करती रहीं. उन्होंने लिखा, 'प्रेस फ्रीडम के लिए ये चुकाई जाने वाली एक छोटी सी कीमत है, लेकिन मैंने पहले कभी भी ऐसा अनुभव नहीं किया.'
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब पीएम मोदी और नॉर्वे के पीएम संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग कर रहे थे. ब्रीफिंग ख़त्म होने के बाद जब पीएम मोदी हॉल से निकले तब हेले ने उनसे पूछा था कि वे दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस से कुछ सवाल क्यों नहीं लेते? इस ब्रीफिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसके बाद प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर नए सिरे से बहस शुरू हो गई. कुछ लोग हेले लिंग के सपोर्ट में उतरे तो कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया.
Rahul Gandhi ने इस घटना पर क्या लिखा?वीडियो वायरल होने के बाद नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने हेले के पोस्ट को दोबारा शेयर करते हुए लिखा-
‘जब कुछ भी छिपाने को नहीं होता, तो डरने की भी कोई बात नहीं होती. इंडिया की क्या इमेज बनती होगी, जब दुनिया एक Compromised PM को घबराते हुए और चंद सवालों से भागते हुए देखती है?’
राहुल गांधी के इस पोस्ट के लगभग 7 घंटे बाद, हेले ने राहुल गांधी की पोस्ट के नीचे कमेंट किया. पूछा कि क्या वे एक फोन कॉल इंटरव्यू के लिए नॉर्वेजियन समयानुसार मंगलवार को अवेलेबल होंगे. साथ में एक टिप्पणी भी कर दी कि पीएम मोदी के दौरे पर राहुल गांधी के विचार जानना दिलचस्प होगा.
इस बीच नॉर्वे में भारतीय दूतावास का भी रिएक्शन आया. दूतावास ने प्रधानमंत्री की यात्रा पर एक प्रेस ब्रीफिंग ऑर्गनाइज़ की, जहां हेले को भी बुलाया गया. इसके बाद नॉर्वे में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. यहां हेले ने अधिकारियों से पूछा कि क्या वे वादा कर सकते हैं कि वे अपने देश (भारत) में मानवीय अधिकारों के उल्लंघन को रोक देंगे? जवाब में MEA Secretary (West) ‘सिबी जॉर्ज’ ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों पर लंबी बात की. इस बीच कई बार हेले ने जब उन्हें टोका तो, अपनी बात समझाते हुए वो कई बार नाराज़ भी दिखे. बाद में बहस जैसी स्थिति बन गई. हालांकि हेले ने बाद में कई इंटरव्यू दिए.
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Helle Lyng की स्ट्रैटेजी क्या थी?बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पता था कि दोनों प्रधानमंत्री प्रेस ब्रीफिंग में सवाल लेंगे, क्योंकि आमतौर पर पीएम मोदी जब विदेश जाते है तो वो प्रेस से कम ही सवाल लेते हैं. विदेश में अब तक सिर्फ़ दो मौके ऐसे आए हैं जब उन्होंने सवाल लिए हैं. जून 2023 का अमेरिका दौरा और फरवरी 2025 का अमेरिका दौरा.
इस पर हेले लिंगने कहा, ‘नहीं. हमें पहले से पता था कि सवाल नहीं लिए जाएंगे. भारत के प्रधानमंत्री दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने की बात करते हैं. लेकिन लोकतंत्र क्या होगा, अगर आपके देश के सबसे ताकतवर व्यक्ति से सवाल पूछने की गुंजाइश ही न हो?’
वहीं इस पूरे विवाद के बीच नार्वे और भारत के बीच प्रेस फ्रीडम की रैंकिंग की तुलना भी बढ़ गई है. बीते 10 सालों से प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे लगातार टॉप पर बना हुआ है, जबकि भारत की स्थिति लगातार फिसल रही है. बीते पांच सालों में भारत 15 अंक नीचे खिसककर 157 वें स्थान पर पहुंच गया है.
वीडियो: पीएम मोदी पर सवालों से बचने का आरोप लगाने वाली पत्रकार हेले लिंग को MEA ने क्या जवाब दिया?


