'वे पीएम मोदी पर हमला कर सकते थे', मनोज तिवारी का सनसनीखेज आरोप
BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी का घेराव किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों ने बहुत बवाल किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग मारपीट करने वाले हाव-भाव के साथ आए थे.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष की महिला सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी का घेराव किया. उन्होंने ये तक दावा किया कि विपक्षी महिला सांसदों का इरादा पीएम मोदी पर हमला करने का था.
इंडिया टुडे में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट पीयूष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्षी महिला सांसदों ने बहुत बवाल किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग मारपीट करने वाले हाव-भाव के साथ आए थे, वे प्रधानमंत्री पर हमला भी कर सकते थे.
मीडिया से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा,
“अभी जो कुछ हुआ. आप वो तस्वीरें देखकर हैरान रह जाएंगे. आज माननीय संध्या राय जी चेयर पर बैठी थीं. उन्होंने एक बहुत बड़ा बखेड़ा होने से बचा लिया. आपने पहली बार देखा होगा कि वेल से ऊपर आकर सत्ता पक्ष की तरफ और प्री प्लान तरीके से महिलाओं को आगे रखकर विपक्ष ने ये कुकृत्य किया. इसका पूरा मकसद लड़ाई और झगड़ा करवाना था. लेकिन हमें लड़ाई-झगड़ा नहीं करना है. हम तो देश को दिखा रहे हैं कि लगातार जो चुनाव हारती हुई कांग्रेस और उसका अलायंस है, वे किस प्रकार से विक्षिप्तता (पागलपन) की स्थिति में हैं.”
उन्होंने आगे कहा,
"हमने आज तक नहीं देखा था कि जहां प्रधानमंत्री जी बैठते हैं, उसके भी तीन-चार चेयर ऊपर जाकर आगे महिलाओं का झुंड, फिर पीछे-पीछे सभी पुरुष. ये स्थिति क्या कहती है?... आप प्रधानमंत्री जी तक को बोलने नहीं देंगे. उसके लिए आप मारपीट और अव्यवस्था करने तक आएंगे. ये देश देख रहा है और देश इसका जवाब कांग्रेस और उसके अलायंस से मांगेगा."
इंडिया टुडे में नेशनल ब्यूरो के एग्जीक्यूटिव एडिटर हिमांशु मिश्रा के इनपुट के मुताबिक, लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस और विपक्ष की महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की ओर बढ़ीं. वे उस जगह से दो लाइन पीछे तक पहुंच गईं जहां प्रधानमंत्री बैठते हैं.
फिर वे BJP सांसद निशिकांत दुबे की तरफ बढ़ने लगीं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और दूसरे मंत्रियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला सांसद आगे बढ़ती रहीं. बाद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उन सभी से वापस लौटने को कहा.
इंडिया टुडे में नेशनल ब्यूरो की सीनियर एडिटर मौसमी सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि और वर्षा गायकवाड़ और उनका ग्रुप ट्रेजरी बेंच की ओर गया. वे निशिकांत दुबे की ओर बढ़ीं और उन्हें आवाज लगाई. उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में नहीं थे.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) सांसदों ने भी हूटिंग शुरू कर दी. सदन स्थगित कर दिया गया लेकिन ड्रामा चलता रहा. जब BJP की महिला सांसद भी निशिकांत की ओर आने लगीं, तो फिर तनाव काम हो गया. हंगामे के चलते सदन को स्थगित कर दिया गया. पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था. सदन स्थगित होने से पीएम का संबोधन टल गया.
कांग्रेस की महिला सांसदों ने क्या कहा?
आजतक की खबर के मुताबिक, कांग्रेस की महिला सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि जोतिमणि, गनीबेन ठाकुर और हम निशिकांत दुबे की ओर बढ़े. प्रधानमंत्री तब सदन में नहीं थे. हमने निशिकांत दुबे से कहा, “निशिकांत क्या बोल रहे थे महिलाओं को लेकर, इधर आओ इधर आओ.” इस पर निशिकांत वहां से जाने लगे. हमने ये कहा कि भाग रहा है, भाग रहा है. इस दौरान NDA की महिला सांसद भी उधर से आने लगी थीं. बाद में तनाव को खत्म किया गया और सभी वापस लौट आए.
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