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'भारत इजरायल के साथ खड़ा है', पीएम मोदी ने नेतन्याहू को पूरा आश्वासन दे दिया

इजरायल में पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया है. ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इजरायली संसद में पहला संबोधन है. अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत, आतंक से मुकाबले में इजरायल के साथ खड़ा है.

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pm modi address to israeli parliament knesset on terrorism and hamas attack
इजरायली संसद में पीएम मोदी (PHOTO-AFP)
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मानस राज
26 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:00 AM IST)
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर हैं. यहां उन्होंने इजरायली संसद 'केनेसेट' को सम्बोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया है. ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इजरायली संसद में पहला संबोधन है. अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत, आतंक से मुकाबले में इजरायल के साथ खड़ा है. पीएम मोदी अपने दो दिन के दौरे पर राजधानी तेल अवीव पहुंचे हैं. 

उन्होंने यहां दो आतंकी हमलों की तुलना की. 7 अक्टूबर को हमास का हमला और 26/11 का मुंबई हमला. पीएम मोदी ने कहा,

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PM मोदी से पहले भाषण देते हुए, बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के गहरे रिश्तों पर बात की. उन्होंने सिंधु घाटी और जॉर्डन घाटी की पुरानी सभ्यता के बीच समानताएं बताईं. उन्होंने कहा,

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2017 में PM मोदी के पहले इजरायल दौरे को याद करते हुए नेतन्याहू ने बताया कि कैसे वे भूमध्य सागर के किनारे नंगे पैर चले थे. नेतन्याहू ने अपने ईसाई दोस्तों का पूरा सम्मान करते हुए कहा कि हम पानी में नहीं उतरे, हम पानी पर चले. यह सच नहीं है. हम पानी पर नहीं चले, लेकिन हमने तब से चमत्कार किए हैं. दरअसल ईसाई धर्म में ये मान्यता है कि ईसा मसीह अपने शिष्यों के लिए पानी पर चले थे.

नेतन्याहू ने कहा कि हमने अपने व्यापार को दोगुना कर दिया है. साथ ही अपने सहयोग को तिगुना कर दिया है और अपनी समझ को चौगुना कर दिया है. उन्होंने कहा कि ‘ऐसे तरीकों से सहयोग बढ़ा जिन्हें मैं बता भी नहीं सकता. और कुछ मायनों में, शायद बताना भी नहीं चाहिए.’

इजरायल दौरे पर होंगे कई समझौते

दो दिन के दौरे पर पीएम मोदी और नेतन्याहू से उम्मीद है कि वे बीते समय में हुई प्रोग्रेस का रिव्यू करेंगे. साथ ही दोनों नेता साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस और सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वॉटर मैनेजमेंट और ट्रेड और कल्चरल रिश्तों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशेंगे. एनडीटीवी के मुताबिक दोनों देशों के बीच 1992 में $200 मिलियन डॉलर (लगभग 18 हजार करोड़) का ट्रेड था. ये वही समय था जब भारत और इजरायल के बीच डिप्लोमैटिक रिलेशन बने थे. और अब 2022-23 में ट्रेड बढ़कर $10.77 (90 हजार करोड़) बिलियन डॉलर हो गया है. चर्चा है कि भारत और इजरायल के बीच डिफेंस और सिक्योरिटी पर $9 बिलियन डॉलर (लगभग 80 हजार करोड़) की डील्स साइन होने वाली हैं.

वीडियो: दुनियादारी: प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे का एजेंडा क्या है?

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