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पीयूष गोयल ने इंडियन स्टार्टअप वाले बयान पर सफाई दी, कांग्रेस को जमकर सुनाया

पीयूष गोयल (Piyush Goyal On Startups) ने भारत में स्टार्टअप को लेकर अपने बयान पर सफाई दी है. पीयूष गोयल ने कहा कि उनका मकसद युवाओं की कोशिशों को नीचा दिखाना नहीं था. बल्कि उन्हें बड़े कामों के लिए प्रेरित करना था. गोयल ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया.

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Piyush Goyal
पीयूष गोयल ने स्टार्टअप वाले बयान पर सफाई दी है
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राघवेंद्र शुक्ला
9 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 02:18 PM IST)
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भारत में स्टार्टअप्स (Startups) को लेकर अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को बहुत गलत तरीके से पेश किया गया. कांग्रेस के पास एक पूरा इकोसिस्टम है, जो झूठी कहानियां गढ़ने की कोशिश करता है. मंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश युवाओं को स्टार्टअप्स में बड़ी आकांक्षाओं की तलाश के लिए प्रेरित करना था. न कि उनकी कोशिश को नीचा दिखाना. पिछले हफ्ते गोयल ने स्टार्टअप महाकुंभ नाम के एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत में स्टार्टअप के नाम पर फूड डिलिवरी और बेटिंग एप्स बन रहे हैं. इस बयान पर उद्यमियों ने नाराजगी जाहिर की थी. 

आपत्तियां आने के बाद मंत्री ने बुधवार को अपने कहे पर सफाई दी है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, गोयल ने कहा, 

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मंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश युवाओं को स्टार्टअप में बड़ी कोशिशों के लिए प्रेरित करना था. न कि उन्हें नीचा दिखाना. हमारे युवा पुरुष और महिलाएं एक बेहतर जीवन की तलाश कर रहे हैं और विश्व स्तर की उपलब्धियां हासिल करने की चाहत रखते हैं. गोयल ने कहा, 

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गोयल ने क्या कहा था?

बता दें कि पिछले हफ्ते स्टार्टअप महाकुंभ नाम के एक कार्यक्रम में बोलते हुए गोयल ने कहा था कि भारत के स्टार्टअप्स फूड डिलीवरी, फैंटेसी स्पोर्ट्स और बेटिंग ऐप्स तक सीमित हैं. जबकि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डीप-टेक में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा था कि देश के युवा बेहतर जीवन की तलाश में मेहनत कर रहे हैं और उन्हें दुकानदार नहीं बल्कि Innovator बनना चाहिए. गोयल ने चिंता जताते हुए कहा कि भारत में सिर्फ 1 हजार डीप-टेक स्टार्टअप्स होना चिंता की बात है. जबकि चीन इस क्षेत्र में बड़ी छलांगें लगा रहा है.

इतना ही नहीं, स्टार्टअप महाकुंभ में बोलते हुए मंत्री ने कहा था,

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उन्होंने कहा कि क्या हम डिलीवरी बॉय और गर्ल बनकर खुश रहेंगे? क्या यही भारत की नियति है? यह स्टार्टअप नहीं है. यह entrepreneurship है. भारत के स्टार्टअप विजन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा था कि क्या हमें आइसक्रीम या चिप्स बनाना है या दुकानदारी ही करनी है? मंत्री के बयान पर युवा उद्यमियों ने इसे entrepreneurship का अपमान बताया. विपक्षी दलों ने भी इसे लेकर मंत्री की आलोचना की थी. 

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