पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये घटी एक्साइज ड्यूटी, तेल के दाम को लेकर अब घबराने की जरूरत नहीं
Petrol Diesel Price News Today: केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों और आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है. सरकार के इस कदम से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है. पेट्रोल और डीजल की कीमत स्थिर रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है. सरकारी आदेश के मुताबिक, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. इसका मतलब है कि इसमें 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है. इसी तरह, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी भी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 0 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. इसमें भी 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है.
क्या होती है एक्साइज ड्यूटी?यह एक तरह का इनडायरेक्ट टैक्स है जो सामान के प्रोडक्शन या मैन्युफैक्चरिंग पर लगाया जाता है. यह टैक्स केंद्र सरकार को जाता है. इससे सामान का दाम बढ़ जाता है. भारत में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) लगाती हैं. लेकिन अब सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हालिया दावों के मुताबिक, ईरान के साथ उनकी बातचीत ‘बहुत अच्छी’ चल रही है. ऐसा भी माना जा रहा है कि ट्रंप यह जंग खत्म करने का फैसला ले सकते हैं. इससे ऑयल मार्केट में नरमी देखने को मिली है और कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट आई है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने यह उठाया है. हालांकि, पंप पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल और डीजल कंपनियों को अपने घाटे को कम करने में मदद मिलेगी.

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ड्यूटी में कटौती का असर कंपनियों के मार्जिन और पूरे बिजनेस पर पड़ सकता है. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले दिनों में फ्यूल की कीमतें और क्रूड ऑयल की कीमतें कैसे बदलती हैं.
कंपनियों को हो रहा था घाटाईरान जंग के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं. इससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी देते हुए बताया था कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में 30% से 50% तक की बढ़ोतरी हुई है. भारत में तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का घाटा सह रही हैं. सरकार का कहना है कि अब तेल पर टैक्स घटाने के फैसले से तेल कंपनियों पर दबाव कम होगा और आम आदमी के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी.
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