'NDA से कोई रिश्ता नहीं...' बिहार चुनाव से पहले पशुपति पारस ने छोड़ा बीजेपी का साथ
बिहार चुनाव से पहले पशुपति कुमार पारस ने एनडीए का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने एनडीए पर आरोप लगाया कि वह उनकी पार्टी के साथ अन्याय कर रही है. उन्होंने यह नहीं बताया कि एनडीए छोड़ने के बाद वह विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल होंगे या नहीं?

बिहार चुनाव (Bihar Election) से पहले NDA के एक सहयोगी ने साथ छोड़ दिया है. ये सहयोगी हैं, राम विलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras). रामविलास पासवान के निधन के बाद से भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के साथ उनका विवाद चल रहा था. उन्होंने एनडीए पर अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि एनडीए के लोगों ने हमारी पार्टी के साथ अन्याय किया. हालांकि, पारस ने यह साफ नहीं किया है कि वह एनडीए के विरोधी खेमे (INDIA Alliance) में शामिल होंगे या नहीं. उन्होंने ये फैसला भविष्य पर छोड़ दिया है.
एनडीए छोड़ने के अपने फैसले के बाद राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने कहा,
पारस ने आगे कहा, इसके 6-8 महीने बाद जब भी बिहार में एनडीए की बैठक हुई, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जेडी(यू) के प्रदेश अध्यक्ष ने बयान जारी किया कि वे बिहार में '5 पांडव' हैं. इसमें उन्होंने कहीं भी हमारी पार्टी का नाम नहीं लिया. इसलिए, हम मजबूर थे.
ये भी पढ़ेंः बिहार में कांग्रेस ने टिकट के लिए जो शर्त रखी है, मौजूदा सभी 19 विधायक बेटिकट हो जाएंगे
पारस ने कहा,
सोमवार को पारस ने एलान किया था कि उन्होंने एनडीए छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि इस अलायंस से उनका अब कोई संबंध नहीं है. उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना भी साधा और कहा कि बिहार और केंद्र दोनों ही सरकारें दलित विरोधी और भ्रष्ट हैं. पारस ने संकेत दिया कि वह बिहार की सभी 243 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, वह ये फैसला अकेले नहीं लेंगे. पार्टी के सभी नेताओं के साथ मिलकर तय करेंगे कि किसके साथ गठबंधन करना है.
वीडियो: आधी रात मंदिर में दर्शन करने पहुंचा बीजेपी विधायक का बेटा, पुजारी की पिटाई भी हुई है

.webp?width=60)

