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ऑपरेशन सिंदूर में पिटकर पाकिस्तानियों ने इतना झूठ बोला कि अब खुद नहीं संभाल पा रहे

Pakistan की नेता बिरादरी, पत्रकारों से लेकर सोशल मीडिया ट्रोल्स तक लगातार भारत के खिलाफ फ़ेक न्यूज फैला रहे हैं. जिसमें भारतीय सेना और एयर स्ट्राइक के बारे में गलत दावे किए जा रहे हैं. इन दावों की सच्चाई जान लेते हैं.

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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और पत्रकार हामिद मीर फेक न्यूज फैलाने में जुटे हैं. (इंडिया टुडे, फाइल फोटो)
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आनंद कुमार
7 मई 2025 (अपडेटेड: 7 मई 2025, 06:50 PM IST)
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Operation Sindoor  सफल रहा.  भारत की एयर स्ट्राइक (Air Strike) के बाद से पाकिस्तान (Pakistan) में खलबली मची हुई है.  ज़मीन पर हारने वाले सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए झूठ फैलाने के काम में लग गए. तेज़ी से भारतीय नामों से पाकिस्तानी अकाउंट नज़र आने लगे. झूठे प्रत्यक्षदर्शी/घायल तक बन-बनकर झूठा कंटेंट परोसा जाने लगा.  उनके नेता लगातार गलत बयानी करने और पत्रकार फेक न्यूज फैलाने में जुटे हुए हैं. नेता सुबह कुछ और बोलते हैं. और कुछ ही घंटों में अपने ही बयान से पलट जाते हैं. इनके विदेश मंत्री तो एक पत्रकार के सवाल पर बगलें झांकते नजर आए. ख़बर में आगे जानेंगे, उन क्लेम्स के बारे में जो चंद घंटों तक भी नहीं टिक पाए.  

रक्षा मंत्री की बात से सूचना मंत्री की बात झूठी साबित 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार स्काई न्यूज को इंटरव्यू दे रहे थे. इंटरव्यू में एंकर ने उनसे पूछा कि भारतीय सेना का दावा है कि जिन नौ जगहों पर एयर स्ट्राइक हुआ वो आतंकी ठिकाने थे. किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया. इसके जवाब में तरार ने कहा कि उनके देश में कोई आतंकी कैंप नहीं है. और पाकिस्तान आतंक का सबसे बड़ा पीड़ित है.

इसके बाद एंकर ने उनको पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का कबूलनामा याद दिला दिया. जिन्होंने पिछले दिनों माना था कि पाकिस्तान ने कई बरसों तक आतंक को पनाह, फंडिंग और ट्रेनिंग दी है. 
इसके बाद पाकिस्तानी सूचना मंत्री ने एंकर को पाकिस्तान आकर असल स्थिति देखने का निमंत्रण दिया. इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 

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रक्षा मंत्री अपने ही बयान से पलटे

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तड़के भारतीय एयरस्ट्राइक के बाद एक विदेशी आउटलेट को इंटरव्यू दिया. तमाम झूठ के साथ इसमें उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के कुछ सैनिकों को बंदी बना लिया है. लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही उन्होंने लोकल मीडिया के सामने अपनी गलती स्वीकारी. और कहने लगे कि किसी भी भारतीय सैनिक को बंदी नहीं बनाया गया है. 

फ़ेक न्यूज़ के चक्कर में सेल्फ गोल कर बैठे 

पाकिस्तानी मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी जोर-शोर से फेक न्यूज और प्रोपगेंडा फैलाने में जुटे है. चाइना पाकिस्तान इकॉनोमिक कॉरिडोर (CPEC) नाम के एक एक्स हैंडल ने दावा किया कि बहावलपुर के पास पाकिस्तान ने एक रफाल को मार गिराया है. जिसमें पायलट की मौत हो गई है.

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एक्स ग्रैब

इस वीडियो के फैक्ट चेक में पता चला कि ये वीडियो रफाल का नहीं बल्कि एक पाकिस्तानी ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट का है. जोकि इस साल 16 अप्रैल को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में क्रैश हुआ था. माने अपने यहां हुई दुर्घटना पर सीना ठोंक रहे थे, पता चला छाती पीटने वाला काम है.  

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एक्स ग्रैब
इंडियन ब्रिगेड हेडक्वार्टर तबाह करने का झूठा दावा

भारत के हमले के कुछ ही देर बाद पाकिस्तानी मीडिया ने एक वीडियो शेयर कर इंडियन ब्रिगेड हेडक्वार्टर को तबाह करने का दावा शुरू कर दिया. ये झूठ बहुत बड़े पैमाने पर फैलाने की कोशिश हुई. अमूमन हर बड़े अकाउंट जहां #OperationSindoor  हैशटैग का इस्तेमाल हुआ, उसके कमेंटबॉक्स में ये फ़र्ज़ी ख़बर डाल झूठा माहौल बनाने की साजिश हुई. अन्य पाकिस्तान समर्थक यूजर्स ने इसे सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में रिपोस्ट किया. लेकिन PIB के फैक्ट चेक में इस फर्जी वीडियो की पोल भी खुल गई.  

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PIB ने इसका फैक्ट चेक किया है.
पाकिस्तान के पत्रकार भी सरकार-आर्मी जितने झूठे 

पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार हामिद मीर भी जोर-शोर से फेक न्यूज फैलाने के अभियान में जुटे हुए हैं. हामिद मीर ने X पर एक ट्वीट रीट्वीट कर दावा किया कि पाकिस्तान ने रफाल और सुखोई एयरक्राफ्ट मार गिराया है. हामिद मीर के इन दोनों दावों का हमने फैक्ट चेक किया. पहले रफाल वाली तस्वीर की सच्चाई जान लेते हैं. 

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हामिद मीर ने शेयर की राफेल की फर्जी तस्वीर

हमारी फैक्ट चेक टीम ने इस तस्वीर की सच्चाई बताई है. ये तस्वीर चार साल पुरानी है. जब भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का एक मिग-21 लड़ाकू विमान जो पंजाब के मोगा जिले के लंगेआना खुर्द गांव के पास खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. 

अब हामिद मीर की पोस्ट की गई उस तस्वीर की सच्चाई भी जान लेते हैं जिसको उन्होंने सुखोई एयरक्राफ्ट बताया है. हमारी फैक्ट चेक टीम ने बताया कि यह तस्वीर सुखोई की नहीं भारतीय सेना के फाइटर जेट मिग 29 का है. जोकि पिछले साल 3 सितंबर 2024 को राजस्थान के बाड़मेर में क्रैश हो गया था. 

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मिग 29 साल 2024 में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था

पाकिस्तानी हुक्मरान और वहां के तमाम संस्थान भारतीय सेना और एयर स्ट्राइक के बारे में झूठी खबरें फैलाकर अपने देश के लोगों के भुलावे में रखना चाहते हैं. ऐसा करके पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच अपनी साख बचाने की कोशिश भी कर रहा है. लेकिन पाकिस्तानी सेना की ताकत और विक्टिमहुड का दिखावा करने की उसकी ये कोशिशें पंक्चर होती हुई दिख रही हैं. साथ ही साथ अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी और उसकी अपनी पब्लिक में विश्वसनीयता का संकट उजागर होता दिख रहा है. 

वीडियो: आधी रात तीनों सेनाओं ने ऐसे किया ऑपरेशन सिंदूर, रफाल के कमाल से दहला पाकिस्तान

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