पहलगाम में पिता को खोया, बेटी बोली- 'CM ने कहा था सरकारी नौकरी देंगे, अब कोई पूछता भी नहीं'
असावरी जगदाले ने कहा कि जब Pahalgam Attack से ध्यान हटा, तो किसी ने भी Government Job के बारे में लिखकर कुछ नहीं बताया. उन्होंने कहा कि सच्चाई तो ये है कि तब से किसी ने मेरे और मेरी मां के बारे में पूछा तक नहीं है.

सरकार तो एक बटन दबाकर चुन ली जाती है, लेकिन जब सरकार से सीधे पाला पड़ता है तो मतदाता को अपने 'दबने' का पता चलता है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए पुणे के संतोष जगदाले की बेटी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 आ गई. अभी तक उनकी बेटी को गवर्नमेंट जॉब नहीं मिली. संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने खुद अपने परिवार का दर्द बयां किया है.
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए 26 साल की असावरी कहती हैं कि इस वक्त उनके परिवार का गुजारा उनकी सेविंग से चल रहा है. उन्होंने आगे बताया,
उन्होंने बताया कि बीते कई महीनों से उनका परिवार इमोशनल और पैसे की तंगी से गुजर रहा है. संतोष जगदाले के अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उनके घर पहुंचे थे. असावरी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने खुद उन्हें सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और दिवगंत अजित पवार ने भी मदद की बात कही थी. उन्होंने कहा,
सरकारी वादे पर मिलने वाली सरकारी नौकरी पाने के लिए असावरी ने खूब चक्कर लगाए. कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर, कभी इस नेता तो कभी उस नेता के पास गईं. लेकिन नतीजा सिफर रहा. परिवार अभी भी पहलगाम के खौफनाक मंजर से उबर नहीं पाया है. ऊपर से उन्हें सरकारी तंत्र से भी जूझना पड़ रहा है. असावरी कहती हैं,
अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए असावरी ने कहा,
असावरी जगदाले ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी लिखा है, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के पुणे दौर पर भी प्रशासन ने बिजी शेड्यूल का हवाला देकर उन्हें सीएम से मिलने से रोक दिया.
जब सरकारी तंत्र और नेताओं के पास जाने से बात नहीं बनी तो पीड़ित परिवार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने कुलकर्णी से सरकारी नौकरी दिलवाने की गुहार लगाई. मेधा कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने इस सिलसिले में केंद्रीय गृहमंत्री से दखल देने का अनुरोध किया है. कुलकर्णी ने कहा,
उन्होंने कहा कि असावरी काफी पढ़ी-लिखी हैं और उन्हें क्लास-II एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर की पोस्ट पर अपॉइंटमेंट का भरोसा दिया गया था. परिवार ने अपील की है कि उसे या तो वादे के मुताबिक पोस्ट पर या पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) या राज्य सरकार में किसी दूसरी सही पोस्ट पर अपॉइंट किया जाए. PMC ने भी राज्य सरकार को असावरी जगदाले को नौकरी देने के लिए अगस्त 2025 में राज्य सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा था. सरकार ने इस प्रस्ताव का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.
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