'सुबह छह बजे ओरेकल ने जॉब छीनी', अगले दिन से बंदे ने जो किया नौकरियों की लाइन लग गई
Oracle ने मार्च में 30 हज़ार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. जिनमें 12 हज़ार भारतीय भी शामिल थे. इनमें शामिल होने का दावा करने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अब बताया है कि कैसे उन्होंने 45 दिन के अंदर मन चाही नौकरी ढूंढ ली.

‘आपकी पोजीशन ख़त्म कर दी गई है. आज आपका लास्ट वर्किंग डे है.' ओरेकल (Oracle) ने 45 दिन पहले अपने 30 हज़ार कर्मचारियों को सुबह 6 बजे ये मेल भेजा. इनमें 12 हज़ार भारतीय इंजीनियर भी शामिल थे. अब एक शख्स ने दावा किया है कि वो भी इन लोगों में शामिल थे. उन्होंने इस घटना के बाद फिर से खुद को तराशना शुरू किया. जिस AI ने उनकी जगह ली, उसी के बारे में दिन-रात पढ़ते-लिखते रहे. नतीजा- केवल 45 दिन में उसे तीन जगह से ऑफर आ गया. उन्होंने एक रेडिट पोस्ट में दावा किया कि वे एक पूर्व ओरेकल कर्मचारी हैं. नौकरी से निकाले जाने के बाद उन्होंने AI सीखा और खुद को अपग्रेड किया. और अब वे AI इंजीनियर का रोल अदा करेंगे.
पोस्ट में बताया ‘टिप्स एंड ट्रिक्स’उन्होंने बताया कि जब उन्हें नौकरी से निकाला गया तब उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं. बस उठे और जीत की तैयारी पर निकल पड़े. उन्होंने एकदम बेसिक से क्लॉड AI (Claude AI) चलाना सीखा. रोज 3-4 घंटे दिए. 30 दिन तक प्लान बनाया और रोज उसके मुताबिक काम किया. शख्स ने लिंक्डइन, नौकरी, इनडीड और वेलफ़ॉन्ड जैसे नौकरी देने वाले प्लेटफार्म पर अपनी प्रोफाइल अपडेट की और रोज 10-15 जगह अप्लाई किया. जिसके बाद कुछ कंपनियों से उन्हें जवाब भी आया.
उनके मुताबिक, लिंक्डइन इसमें कारगर रहा. उन्होंने लिखा,
‘मुझे 20 कंपनियों ने अकेले लिंक्डइन पर ही रीच किया. अगर आपके पास लिंक्डइन प्रीमियम हो तो बहुत अच्छा. कुछ कंपनियों से मुझे कॉल आया और कुछ जगह इंटरव्यू भी शेड्यूल हुए. मैं कुछ जगह फेल भी हुआ. इस बीच मैंने मशीन लर्निंग से जुड़े कुछ लेख भी पढ़ें.’
उन्होंने कुल 7 जगह इंटरव्यू दिया, जिसमें से 3 जगह उनकी दाल गल गई. उनका दावा है कि अब वे जल्द ही AI इंजीनियर होंगे.
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वायरल पोस्ट पर लोगों का रिएक्शनएक जॉब से निकलने से लेकर दूसरा जॉब मिलने के बीच का पीरियड बहुत फ्रस्ट्रेटिंग होता है. कुछ लोगों ने यूजर से एडवाइस भी ली कि इस पीरियड को कितना सफल बना सकते हैं? एक यूजर ने लिखा,
‘बहुत से लोग ये नहीं जानते कि AI इंजीनियरिंग तक कैसे पहुंचना है. लेकिन हर कंपनी को एक AI इंजीनियर की ज़रूरत होती है.’

एक और यूजर ने कमेंट किया कि ‘आपको आपकी जॉब एक्सपीरियंस की वजह से मिली है. अगर आप फ्रेशर होते तो ऐसा बिलकुल न होता.’
कुछ यूजर ने रियलिटी चेक देते हुए कहा कि ये सबकी कहानी नहीं हो सकती है. कुछ लोग लकी होते हैं जिनके नाम के साथ एक बड़ी कंपनी का नाम जुड़ता है. वहीं कुछ लोगों ने यूजर के पोस्ट में दिलचस्पी दिखाई और उनसे AI लर्निंग से जुड़े कई सवाल पूछे.
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