पाकिस्तान के नूर खान और मुरीद एयरबेस पर भारत के हमले का सबसे तगड़ा सबूत!
Pakistan Air Base Attack Proof: ये हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें मैक्सार टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी ने उपलब्ध कराई हैं. इन सैटेलाइट इमेज में देखा जा सकता है कि मुरीद एयरबेस पर भारत के जवाबी हमले के बाद एक 3 मीटर चौड़ा गड्ढा है.

भारत के पाकिस्तान (India Pakistan Tension) पर जवाबी हमले में उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इससे जुड़ी कुछ और हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें (High Resolution Photos of Pakistan Air Base) सामने आई हैं. इंडिया टुडे ने इन तस्वीरों का विश्लेषण करते हुए एक रिपोर्ट तैयार की है. तस्वीरों के हवाले से दावा किया गया है कि मुमकिन है कि भारत ने पाकिस्तान के संदिग्ध अंडरग्राउंड ठिकाने को निशाना बनाया था.
मुरीद एयरबेसरिपोर्ट के मुताबिक, ये हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें मैक्सार टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी ने उपलब्ध कराई हैं. इन सैटेलाइट इमेज में देखा जा सकता है कि मुरीद एयरबेस पर एक 3 मीटर चौड़ा गड्ढा है. यह गड्ढा एक सुरंगनुमा एंट्री गेट से सिर्फ 30 मीटर की दूरी पर है. माना जाता है कि यह ठिकाना पाकिस्तान के कमांड-एंड-कंट्रोल फंक्शंस या ड्रोन ऑपरेशंस से जुड़ा है. यही कारण हो सकता है कि भारत ने हमले के लिए इस ठिकाने को चुना.
इसे लेकर इंटेलिजेंस लैब में जियो-इंटेलिजेंस रिसर्चर डेमियन साइमन ने इंडिया टुडे को बताया,
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा लगता है कि भारत की एयर स्ट्राइक ने हाई-वैल्यू वाले इस ठिकाने को काफी नुकसान पहुंचाया. फोटो से ये भी पता चलता है कि हमला कितना सटीक था. फिलहाल यह दावा सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर किया गया है. लेकिन अगर आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि हो जाती है तो यह भारत की ओर से पाकिस्तान में अंडरग्राउंड सैन्य ठिकाने को नष्ट करने का पहला मामला होगा.
साइमन ने कहा,
पाकिस्तान का मुरीद एयर बेस जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) से 150 किलोमीटर दूर है. यहां अमूमन पाकिस्तान के फाइटर जेट्स तैनात रहते हैं. कई ड्रोन ऑपरेशन्स भी यहीं से होते हैं. इतना ही नहीं यह एयरबेस सरगोधा और रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को भी सपोर्ट देता है.
नूर खान एयर बेसऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एयर बेस को भी निशाना बनाया गया था. पाकिस्तान के इस सैन्य ठिकाने को अनुमान से ज़्यादा नुकसान हुआ है. 25 अप्रैल की सैटेलाइट तस्वीरों में यहां सब कुछ सही दिखाई दे रहा है.
लेकिन 10 मई की तस्वीरों से पता चलता है कि कमांड और कंट्रोल यूनिट माने जाने वाले दो ट्रक सटीक भारतीय हमले में नष्ट हो गए. 17 मई की एक फॉलोअप फोटो में हमले वाली जगह के आसपास के क्षेत्र को साफ किया गया. यहां पर मिट्टी हटाने वाले कुछ वाहनों की मौजूदगी दिखाई दी.
गौरतलब है कि नूर खान बेस का इस्तेमाल C-130 हरक्यूलिस, साब 2000 और IL-78 ईंधन के लिए किया जाता है. इसी वजह से पाकिस्तान एयरफोर्स के लिए यह जगह रसद पहुंचाने और कमांड सेंटर के तौर पर बेहद अहम है. इस बेस का इस्तेमाल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट और VIP उड़ानों के लिए होता है. इसलिए यह बेस पाकिस्तान वायुसेना के लिए बेहद अहम रणनीतिक और सैन्य ठिकाना है.
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