ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद की बात चीन ने मानी, भारत बोला- 'अपनी रेपुटेशन का तो सोचते'
Operation Sindoor china support to Pakistan: देश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 12 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीन-पाकिस्तान गठजोड़ पर तीखा हमला बोला. विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के जवाब में आई है, जिनमें चीन ने माना किया था कि उसने मई 2025 में हुई सैन्य झड़प के दौरान उसने पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 12 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीन-पाकिस्तान गठजोड़ पर तीखा हमला बोला. विदेश मंत्रालय (MEA) ने जोर देकर कहा कि जो देश 'आतंकी ढांचे को बचाने' की कोशिशों का समर्थन करते हैं. उन्हें ये सोचना चाहिए कि ऐसे कामों का उनकी वैश्विक साख पर क्या असर पड़ता है. विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के जवाब में आई है, जिनमें चीन ने माना था कि उसने मई 2025 में सैन्य झड़प के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा,
हमने ऐसी रिपोर्ट्स देखी हैं, जो पहले से पता बातों की पुष्टि करती है. ये उन देशों पर निर्भर करता है, जो खुद को जिम्मेदार मानते हैं. वे इस बात पर विचार करें कि आतंकी ढांचे को बचाने की कोशिश का समर्थन करने से उनकी प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ता है या नहीं.
MEA के प्रवक्ता ने भारत के आतंकवाद-रोधी अभियानों को स्पष्ट किया. और इस सैन्य कार्रवाई को सीमा पार से आने वाले खतरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक जरूरी कदम बताया. प्रेस ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा,
चीन ने पाक की मदद की बात मानी थीऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का एक सटीक, लक्षित और नपा-तुला जवाब था. जिसका मकसद पाकिस्तान से और उसके इशारे पर चल रहे, सरकार के प्रायोजित आतंकी ढांचे को तबाह करना था.
दरअसल, चीन ने पिछले हफ्ते पहली बार इस बात की पुष्टि की कि नई दिल्ली के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत के साथ चले संघर्ष के दौरान उसने पाकिस्तान को मौके पर ही तकनीकी सहायता दी थी. ये बात चीन के आधिकारिक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है.
चीन के स्टेट मीडिया CCTV ने झांग हेंग नाम के एक इंजीनियर से बात की. झांग, एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में इंजीनियर हैं. पाकिस्तान के पास जो J-10CE लड़ाकू विमान हैं वो इसी कंपनी से बने हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, झांग ने CCTV को बताया कि मई 2025 में उसने पाकिस्तान के युद्ध के मैदान में जाकर सीधे पाकिस्तानी विमानों को ठीक करने और सही तरीके से चलाने में मदद की.
भारतीय सेना ने जुलाई 2025 में कहा था कि पाकिस्तान के 81 प्रतिशत से ज्यादा सैन्य साजो-सामान चीन में बने हैं. और चीन इस देश का इस्तेमाल अपनी सैन्य तकनीक को टेस्ट करने के लिए एक ‘लाइव लैब’ की तरह कर रहा है.
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