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25 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने ढेर, Operation Sindoor का एक-एक सबूत देखें

Operation Sindoor: भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि ये ऑपरेशन 6 और 7 मई की दरमियानी रात 1:05 बजे से लेकर 1:30 के बीच चलाया गया. यानी 25 मिनट भीतर के पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने सेना ने तबाह कर दिए. सेना ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है.

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Operation Sindoor India Air Strike on Pakistani 9 terrorist hideouts Indian Army releases photos
भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एयरस्ट्राइक के बारे में जानकारी दी
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अर्पित कटियार
7 मई 2025 (अपडेटेड: 7 मई 2025, 04:37 PM IST)
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पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद 6-7 मई की दरम्यानी रात भारत ने पाकिस्तान और PoK स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हमला बोला (India Air Strike on Pakistan). इसके बाद 7 मई की सुबह विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने थल और वायु सेना की दो महिला अधिकारियों सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तीनों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की जानकारी एक-एक सबूत के साथ दी. सेना के अधिकारियों ने एयर स्ट्राइक का वीडियो भी जारी किया है.

अधिकारियों ने बताया कि ये ऑपरेशन रात 1:05 बजे और 1:30 के बीच चलाया गया. यानी 25 मिनट भीतर के पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को सेना ने तबाह कर दिया. इसमें पाकिस्तान के 4 और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बने 5 आतंकी ठिकाने शामिल हैं. सेना ने इस ऑपरेशन की तस्वीरें दिखाई हैं. 

1. सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद (PoK)

सवाई नाला, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का ट्रेनिंग कैंप है. सबसे पहले सेना ने इसे ही निशाना बनाया है. सवाई नाला कैंप साल 2000 से एक्टिव है. बताया जा रहा है कि सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमले से पहले आतंकियों ने यहीं ट्रेनिंग ली.

2. सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद (PoK)

सवाई नाला कैंप की तरह, सैयदना बिलाल कैंप भी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का ट्रेनिंग कैंप है. ये कैंप सैयदना बिलाल घुसपैठियों के लिए एक ट्रांजिट कैंप की तरह है. भारत में घुसने से पहले आतंकी यहां ठहरते हैं.

3. गुलपुर कैंप, कोटली (PoK)

गुलपुर कैंप, कोटली के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक शहर है. ये लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर है. अप्रैल 2023 में पुंछ में हुए हमले की प्लानिंग इसी लॉन्चपैड पर हुई थी. साथ ही जून 2024 में रियासी में बस पर हुए हमले के आतंकी इसी लॉन्चपैड से आए थे.

4. बरनाला कैंप, भिंबर (PoK)

सेना ने हमले से पहले और हमले के बाद की तस्वीरें जारी की हैं. सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि बरनाला कैंप पर मिसाइलें गिराई जा रही हैं. राजौरी के पास मौजूद ये कैंप LoC से 9 किलोमीटर दूर है. LoC के करीब होने की वजह से इस कैंप को घुसपैठ के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता रहा है. पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी की आड़ में आतंकी यहां से भारत में घुसपैठ के लिए करते हैं.

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दाईं तरफ हमले से पहले की तस्वीर और बाएं तरफ हमले के बाद की तस्वीर

5. अब्बास कैंप, कोटली (PoK)

कोटली का अब्बास कैंप LoC से मात्र 15 किलोमीटर है. सेना ने बताया कि घुसपैठ के लिए आतंकी इस जगह पर कैंप बना कर रहते हैं. इस सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की पोस्ट्स भी हैं. पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी की आड़ में आतंकी यहां से घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं. सेना द्वारा जारी किए वीडियो में अब्बास कैंप को नष्ट होते देखा जा सकता है.

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बाएं तरफ हमले से पहले की तस्वीर और दाईं तरफ हमले के बाद की तस्वीर

6. सर्जल कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान)

सेना ने बताया कि ये कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर से महज 6 किलोमीटर दूर है. ये कैंप सांबा-कठुआ के पास है. ये जैश-ए-मोहम्मद का कैंप है जिसका सरगना मसूद अज़हर है. वीडियो में सर्जल कैंप को नष्ट होते देखा जा सकता है. सेना के मुताबिक, मार्च 2025 में पुलिस जवानों की हत्या करने वाले आतंकवादियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी.

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बाएं तरफ हमले से पहले की तस्वीर और दाईं तरफ हमले के बाद की तस्वीर

7. मेहमूना जोया कैंप, सियालकोट (पाकिस्तान)

इंटरनेशनल बॉर्डर से ये कैंप 12 से 18 किलोमीटर दूर है. ये कैंप हिज़बुल मुजाहिदीन का गढ़ है. सेना ने बताया कि पठानकोट हमला यहीं से प्लान और डायरेक्ट किया गया था. सियालकोट स्थित इस कैंप का इस्तेमाल घुसपैठ करने और आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि इस कैंप पर फाइटर जेट्स मिसाइलें गिरा रहे हैं.

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बाएं तरफ हमले से पहले की तस्वीर और दाईं तरफ हमले के बाद की तस्वीर

ये भी पढ़ें: 'बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, और...' आतंक के वो 9 ठिकाने, जिसे भारत ने नक्शे से गायब कर दिया

8. मरकज़ तैयबा कैंप, मुरीदके, (पाकिस्तान)

इंटरनेशनल बॉर्डर से ये कैंप 18 से 24 किलोमीटर दूर है और लाहौर से इसकी दूरी मात्र 40 किलोमीटर दूर है. इस शहर में आतंकी हाफ़िज़ मोहम्मद सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर है. सेना ने बताया कि 26/11 के साज़िशकर्ताओं में शामिल एक डेविड हेडली और अजमल कसाब को यहीं से ट्रेनिंग दी गई थी. मरकज़-ए-तैयबा कॉम्प्लेक्स में स्थित मस्जिद में आतंकियों को गुरिल्ला ट्रेनिंग दी जाती है. वहीं, आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने का काम भी इसी मस्जिद से किया जाता है. 

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बाएं तरफ हमले से पहले की तस्वीर और दाईं तरफ हमले के बाद की तस्वीर

9. मरकज़ सुबहानअल्लाह, बहावलपुर, (पाकिस्तान)

बहावलपुर पाकिस्तान का शहर है. यहां मसूद अज़हर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है. यहां मसूद अज़हर चार मदरसे चलाता है जिनमें आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है. भारत ने इन्हीं मदरसों पर एयरस्ट्राइक की है.

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मरकज़ सुबहानअल्लाह, बहावलपुर, (पाकिस्तान)

न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके समेत कुल 7 शहरों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई. इनमें जैश-ए-मोहम्मद के 4, लश्कर-ए-तैयबा के 3 और हिजबुल मुजाहिदीन के 2 ठिकाने शामिल हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सेना के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक वीडियो जारी किया गया. ये वीडियो कोटली स्थित अब्बास आतंकी कैंप पर हुए हमले के सबूत के तौर पर शेयर किया गया है.

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पोस्ट में सेना ने बताया कि ये कैंप पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में है और LoC से 13 किलोमीटर दूर है. ये टेरर कैंप लश्कर प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर है जहां सुसाइड बॉम्बर्स तैयार किए जाते हैं.

वीडियो: आधी रात तीनों सेनाओं ने ऐसे किया ऑपरेशन सिंदूर, रफाल के कमाल से दहला पाकिस्तान

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