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रिटायर्ड टीचरों के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करोड़ों डकार गया पूर्व शिक्षा अधिकारी, पत्नी समेत फरार

ओडिशा के रहने वाले 67 साल के प्रदीप कुमार मोहंती ने एक सरकारी टीचर के रूप में नौकरी शुरू की थी. बाद में वो स्कूल के हेडमास्टर भी बने.

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20 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 12:01 AM IST)
HRMS Odisha fraud
पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. (फोटोः India Today)
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ओडिशा में सरकारी स्कूल के एक टीचर ने कथित तौर पर अपने परिवार के साथ मिलकर सरकार के साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा रुपये लूट लिए. विजिलेंस विभाग को इसका पता चला तो केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. लेकिन जैसे ही जांच शुरू हुई टीचर अपनी पत्नी के साथ फरार हो गए. दो महीने से बंगाल और ओडिशा में बारी-बारी से छिपते फिर रहे आरोपी की लोकेशन बुधवार, 18 मार्च को कोलकाता पता चली. वहां छापा पड़ा लेकिन रेड मारने वाली टीम के पहुंचने से पहले ही पति-पत्नी वहां से भाग निकले. लेकिन इसके अगले ही दिन ओडिशा के भद्रक में एक होटल में दोनों धरा गए.

पूरा मामला क्या है, विस्तार से बताते हैं. 

ओडिशा के रहने वाले 67 साल के प्रदीप कुमार मोहंती ने एक सरकारी टीचर के रूप में नौकरी शुरू की थी. बाद में वो स्कूल के हेडमास्टर भी बने. साल 2018 में वो ओडिशा के जाजपुर जिले के कोरेई में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) भेज दिए गए. यहीं से साल 2019 में वो आधिकारिक रूप से रिटायर भी हुए. लेकिन इससे पहले उन्होंने विभाग के रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेराफेरी का ऐसा ‘खेल’ खेला कि 6 साल तक सरकार का करोड़ों रुपया उनकी तिजोरी में गिरता रहा. मोहंती और उनके परिवार पर सरकार के 5 करोड़ 56 लाख रुपये के गबन के आरोप हैं.   

साल 2018 में जब प्रदीप मोहंती बीईओ थे, तब उनके पास सरकारी टीचरों की सैलरी से जुड़े काम देखने की जिम्मेदारी थी. आरोप है कि इस दौरान वह HRMS यानी सरकारी कर्मचारियों के अंदरूनी ऑनलाइन सिस्टम में गैरकानूनी तरीके से घुसे और 13 रिटायर्ड मास्टरों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की. ये सारे टीचर्स रिटायर होने के बाद पेंशन ले रहे थे.

मोहंती ने किया क्या?

विजिलेंस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि मोहंती ने रिटायर्ड टीचर्स के रिकॉर्ड में हेराफेरी की. उनकी जन्मतिथि बदल दी. रिटायर होने के बाद भी उन्हें कागज में नौकरी पर दिखाया. टीचरों के बैंक डिटेल भी बदले और उनकी जगह अपने परिवार के लोगों का बैंक खाता जोड़ दिया. इसके बाद रिटायर्ड टीचरों की सैलरी बनाई और अपने परिवार के लोगों के खाते में जमा करवाते रहे. 6 साल तक उनके खातों में सैलरी आती रही. 

विजिलेंस विभाग ने बताया कि नवंबर 2018 से सितंबर 2024 तक हर महीने रिटायर हो चुके 13 टीचरों के नाम पर सैलरी बनती रही. उसका पैसा मोहंती अपने और परिवार के लोगों के अलग-अलग SBI बैंक खातों में ट्रांसफर करते रहे.

विभाग को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने जांच शुरू की. धीरे-धीरे घोटाले से पर्दा उठा. फिर केस दर्ज किया गया. जैसे ही जांच शुरू हुई मोहंती और उनकी पत्नी गीतारानी फरार हो गए. दोनों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जगह बदल-बदलकर छिपते रहे. फिर पता चला कि दोनों कोलकाता में हैं. वहां छापा पड़ा लेकिन दोनों वहां से भाग निकले. लेकिन, गुरुवार, 19 मार्च को भद्रक के चरंपा जिले में होटल से दोनों को पकड़ लिया गया. एक क्लर्क को भी उनके साथ गिरफ्तार किया गया है.

मोहंती और गीतारानी का 35 साल का बेटा मातृप्रसाद मोहंती पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वह भद्रक जिले में जना स्मॉल फाइनेंस बैंक का ब्रांच हेड है.  

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