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जीतू मुंडा के खाते में अब पैसा ही पैसा, 19 हजार के लिए बहन का कंकाल बैंक लाना पड़ा था

Odisha tribal man 15 Lakhs in account: ओडिशा में बहन के कंकाल को बैंक लेकर गए आदिवासी शख्स जीतू मुंडा के अकाउंट में अब लाखों रुपये है. कंकाल को कंधे पर उठाकर बैंक ले जाते उनका वीडियो सामने आने के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए.

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7 मई 2026 (पब्लिश्ड: 07:18 PM IST)
Odisha tribal man 15 Lakhs in account
जीतू मुंडा के अकाउंट में लगभग 15 लाख रुपये आ चुके हैं. (फोटो-इंडिया टुडे)
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ओडिशा में बहन के कंकाल को बैंक लेकर गए आदिवासी शख्स जीतू मुंडा के अकाउंट में अब लाखों रुपये हैं. कंकाल को कंधे पर उठाकर बैंक ले जाते उनका वीडियो सामने आने के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए. उन्हें हजारों रुपये डोनेट किए. सरकार ने कई सुविधाओं की बात कही. एक मंत्री ने तो अपनी एक महीने की सैलरी ही उन्हें दान करने का आश्वासन दिया है.

इन सबका नतीजा ये है कि दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा के अकाउंट में लगभग 15 लाख रुपये आ गए हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडे ने जीतू को 10 लाख रुपये डोनेट किए हैं. AAP सांसद संजय सिंह ने उन्हें 50 हजार रुपये दिए, जिसकी घोषणा उन्होंने एक्स पर की. राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी एक महीने की सैलरी जीतू को दान की. उनकी सैलरी 1.45 लाख रुपये है.

क्योंझर जिला प्रशासन ने उन्हें 'जिला रेड क्रॉस फंड' से 30 हजार रुपये दिए और 'खिदमत फाउंडेशन' ने 50 हजार रुपये. उन्हें सरकार की तरफ से कई सुविधाएं भी दी गईं. बताया गया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के दखल के बाद, जिला प्रशासन ने जीतू के घर में बिजली कनेक्शन लगवाया. उन्हें राज्य सरकार की एक योजना में शामिल किया गया, जिसके तहत हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है.

अधिकारियों ने जीतू मुंडा को एक राशन कार्ड भी जारी किया है, जिसके जरिए उन्हें हर महीने रियायती दर पर चावल मिल सकेगा. अधिकारियों ने उन्हें 'प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण' के तहत एक पक्का घर देने का भी वादा किया है.

उधर जीतू ने बताया कि उन्होंने अपनी मरी हुई बहन की लाश को कब्र से बाहर निकालने के दंड के तौर पर एक सामुदायिक भोज का आयोजन किया था. उन्होंने बताया,

“आदिवासी समुदाय में मरे हुए व्यक्ति की लाश को कब्र से बाहर निकालना रीति-रिवाजों का उल्लंघन माना जाता है. गांव के बड़ों ने एक पंचायत बुलाई और फैसला सुनाया कि मुझे शुद्धिकरण का अनुष्ठान करना होगा, वर्ना मुझे समुदाय से बाहर निकाल दिया जाएगा.”

जीतू ने अपनी बहन की मौत से पहले उनके अकाउंट में लगभग 19 हजार रुपये जमा करवाए थे. उनका अकाउंट ओडिशा ग्रामीण बैंक की एक लोकल ब्रांच में था. जीतू वे पैसे निकलवाना चाहते थे. मगर जरूरी दस्तावेज वे जुटा नहीं पाए. आखिर में तंग आकर वह अपनी बहन का कंकाल ही लेकर बैंक पहुंच गए थे. मामला सामने आने के बाद बैंक ने जीतू को ब्याज सहित 19402 रुपये की राशि जारी कर दी थी.

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