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जीतू मुंडा को बहन का कंकाल क्यों उठाना पड़ा? बैंक ने सब बताया

ओडिशा में 52 साल के जीतू मुंडा अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गए थे, ताकि उनके नाम पर जमा पैसे निकाले जा सकें. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया, लोगों ने बैंक को जमकर खरी-खोटी सुनाई. जिसके बाद बैंक की ओर से इस मामले में सफाई आई है. वहीं जीतू को उनके पैसे भी मिल गए हैं.

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28 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 28 अप्रैल 2026, 10:38 PM IST)
Odisha elderly man jitu munda carried sister skeleton
जीतू मुंडा को उनके पैसे वापस मिल गए हैं. (इंडिया टुडे)
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ओडिशा के केन्दुझर जिले में 27 अप्रैल को एक आदिवासी शख्स अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया, ताकि उनके नाम पर जमा किए गए पैसे निकाले जा सकें. जीतू मुंडा नाम के इस शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद बैंक की ओर से सफाई आई है. साथ ही बैंक ने उनके पैसे भी वापस कर दिए हैं.

जीतू मुंडा के कंकाल लेकर जाने वाली घटना के सुर्खियों में आ गई. दावा किया गया कि बैंक ने उनसे मृतक बहन की फिजिकल प्रेजेंस की मांग की थी. ओडिशा ग्रामीण बैंक के स्पॉन्सर इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों का खंडन किया है. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओवरसीज बैंक ने बताया कि जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के अकाउंट से पैसे निकालने के लिए ब्रांच आए थे. यहां अधिकारियों ने उनको बताया कि बिना प्रॉपर वेरीफिकेशन के कोई थर्ड पार्टी पैसा नहीं निकाल सकता. क्लेम सेटलमेंट के लिए डेथ सर्टिफिकेट जरूरी है. बैंक की ओर से बताया गया, 

जीतू मुंडा उस दौरान नशे में धुत थे. अधिकारियों के मना करने पर वे कंकाल लेकर लौटे. जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. ऐसा लगता है कि क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस की जानकारी नहीं होने के चलते ऐसा हुआ. हमारा उद्देश्य डिपोजिटर के पैसे को सुरक्षित करना और उचित प्रक्रिया का पालन करना था. 

बैंक ने ये भी बताया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जीतू मुंडा के साथ किसी भी तरह की उत्पीड़न की घटना नहीं हुई है. और ग्रामीण बैंक के अधिकारी आगे भी उनको हर तरह से सहयोग करेंगे. 

इस पूरे मामले में सफाई देने के साथ ही बैंक ने उनकी बहन के पैसे भी लौटा दिए हैं. उनको सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी मिली है. इंडिया टुडे से बात करते हुए इलाके के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ने बताया कि जीतू मुंडा को रेड क्रॉस फंड से 20,000 रुपये दिए गए हैं. वहीं बैंक ने उनकी बहन के खाते में जमा 19,204 रुपये भी उन्हें वापस कर दिए हैं. 

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