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कॉन्स्टेबल से अपने घर का काम करवाते थे IPS अफसर, सीएम ने सस्पेंड कर दिया

ओडिशा में तैनात आईपीएस दयाल गंगवार पर आरोप लगा था कि उन्होंने कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वेन को अपने अंडर काम करने के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घरेलू कामों में लगाया था. अब जांच के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया है.

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19 जून 2026 (अपडेटेड: 19 जून 2026, 03:33 PM IST)
odisha cop senior ips officer suspended by cm for using constable for household work
ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी (दाएं) ने आईपीएस को सस्पेंड कर दिया है (PHOTO-ITG)
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ओडिशा सरकार ने 18 जून को एक सीनियर IPS अधिकारी दयाल गंगवार को सस्पेंड कर दिया है. बीते महीने बालियान्ता इलाके में भीड़ के हमले में 32 साल के कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वेन की मौत हो गई थी. आईपीएस दयाल गंगवार पर आरोप लगे थे कि उन्होंने कॉन्स्टेबल को अपने अंडर काम करने के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घरेलू कामों में लगाया था. मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई और अब सीएम मोहन चरण माझी ने आईपीएस को सस्पेंड कर दिया है.

सीएम ने किया सस्पेंड

अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आईपीएस दयाल गंगवार को सस्पेंड करने की मंजूरी दे दी है. यह फैसला उस जांच के बाद लिया गया, जिसमें सामने आया था कि कॉन्स्टेबल से गैर-कानूनी तरीके से घरेलू काम करवाया जा रहा था. हालांकि गंगवार का कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वेन की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) की घटना से सीधा संबंध नहीं था, लेकिन स्वेन के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को गंगवार के अधीन काम करने के दौरान शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था. 

1998 बैच के IPS अधिकारी दयाल गंगवार का 26 मई को OSD के तौर पर गृह विभाग में तैनात किया गया था. भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियांता में 7 मई को स्वेन की लिंचिंग के बाद उन पर सरकारी अधिकार के दुरुपयोग के आरोप लगे थे, जिसके बाद उनका ट्रांसफर हुआ था. गंगवार के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जांच के लिए ADG रैंक के एक अधिकारी को नियुक्त किया गया था.

सौम्या के पिता, दुशासन स्वेन ने आरोप लगाया कि उस समय ADG (रेलवे) रहे दयाल गंगवार ने उनके बेटे को सरकारी काम से अलग निजी काम करने के लिए मजबूर किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि गंगवार ने उन्हें अपने एक सहयोगी की जिम में निवेश करने के लिए दबाव डाला और पैसे वापस नहीं किए, जिससे उनका तनाव और बढ़ गया. माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि IPS अधिकारी ने अपनी पात्रता से ज्यादा स्टाफ को अपने घर पर तैनात किया था. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वेन की मां कबिता स्वेन ने कहा कि इन आरोपों को भी लिंचिंग की जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए.

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लिंचिंग की घटना

कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वेन की हत्या कटक के मौजपुर इलाके में उनके घर से 16 किलोमीटर दूर हुई थी. ये घटना तब हुई, जब वो एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठ कर कहीं जा रहे थे. रास्ते में उनकी बाइक एक स्कूटर से टकरा गई. स्कूटर पर सवार दो महिलाओं ने स्वेन पर यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया, जिसके बाद 40-50 लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर उन पर और उनके दोस्त ओम प्रकाश राउत पर हमला कर दिया. राउत मामूली चोटों के साथ बच निकले, लेकिन स्वेन को भीड़ ने इतना पीटा की उनकी मौत हो गई.

इस मामले में स्वेन के परिवार ने ओडिशा पुलिस पर हमला रोकने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया था. इस मामले में चार जूनियर पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है.

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