The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Noida old age home Elderly people hand tied up wore urine stained clothes

किसी के हाथ-पैर बांधे तो कोई मल-मूत्र से सने कपड़े पहने था, नोएडा के वृद्धाश्रम के हालात रुला देंगे

नोएडा के एक वृद्धाश्रम से 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू किया गया है, जो वहां पर बदतर हालात में रह रहे थे. एक महिला का हाथ बांधकर रखा गया था. कई बुजुर्गों के पास पहनने को कपड़े भी नहीं थे.

Advertisement
Noida Old age Home
नोएडा के वृद्धाश्रम में अमानवीय हालात में रहते हैं बुजुर्ग (India Today)
pic
राघवेंद्र शुक्ला
27 जून 2025 (अपडेटेड: 28 जून 2025, 08:09 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

नोएडा में एक वृद्धाश्रम से तकरीबन 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू किया गया है. एक वीडियो सामने आने के बाद कुछ अधिकारियों ने वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया था. यहां उन्होंने जो देखा उसने उन्हें झकझोर कर रख दिया. बुजुर्गों की देखभाल के नाम पर लाखों का डोनेशन लेने वाले इस ओल्ड एज होम में बूढ़े-अशक्त लोग जानवरों जैसे रखे गए थे. किसी को ताले में बंद रखा गया था. तो किसी के हाथ बांधे गए थे. कपड़े गंदे थे. फटे थे. पेशाब और मल से सने हुए थे. कुछ के पास कपड़े भी नहीं थे. 

ये सब देखकर निरीक्षण करने गई टीम के सदस्यों का भी दिल पसीज गया. बीमार और असहाय बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए प्रॉपर स्टाफ भी वहां मौजूद नहीं था. ये सब मामला तब सामने आया, जब वृद्धाश्रम की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में दिखा कि एक बुजुर्ग महिला को कमरे में हाथ बांधकर रखा गया था. यह लखनऊ के सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट तक भी पहुंचा. 

इसके बाद हरकत में आई राज्य महिला आयोग और नोएडा पुलिस ने गुरुवार 26 जून को वृद्धाश्रम पर छापा मारा. इस दौरान मौके पर उन्होंने वृद्धाश्रम का जो हाल देखा, वो देख दंग रह गए. 

छापे के वक्त क्या मिला?

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि एक बुजुर्ग महिला के हाथ कपड़ों से बांधे गए थे और उन्हें भी कमरे में बंद किया गया था. उनकी देखभाल एक महिला करती थी. उससे जब हाथ बांधने के बारे में पूछा गया तो वह भड़क गई. उसने बुजुर्ग महिला को 'पागल' बताया और कहा कि वह कपड़े फाड़ती है इसलिए उसके हाथ बांध रखे हैं. सख्ती दिखाने पर महिला काम छोड़कर वहां से चली गई.

राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला के अनुसार, वृद्धाश्रम में कुछ बुजुर्गों को तहखाने जैसे कमरों में बंद कर दिया गया था. कई बुजुर्गों ने कपड़े नहीं पहने थे और महिलाएं भी आधे-अधूरे कपड़ों में थीं. कुछ बुजुर्गों के कपड़े पेशाब और मल से सने हुए मिले, जो बेहद 'शर्मनाक' और दिल दहला देने वाला था. बुजुर्गों को जिस हाल में रखा गया था, वह जेलों की याद दिलाता है, बल्कि वहां जेल से भी बदतर हालात वहां थे. वृद्धाश्रम में रहने वाली एक महिला का जिक्र करते हुए बराला ने कहा, 

Image embed

उन्होंने आगे कहा, 

Image embed

इंडिया टुडे के रिपोर्टर भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक, वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए कोई प्रोफेशनल स्टाफ ही नहीं था. खुद को नर्स बताने वाली एक महिला ने बताया कि उसने अभी-अभी 12वीं की पढ़ाई पूरी की है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला कि वृद्धाश्रम ने बुजुर्गों के परिवारों से 2.5 लाख रुपये का दान लिया था. इसके अलावा, उन्होंने बुजुर्गों के रहने-खाने के एवज में भी हर महीने 6 हजार रुपये लिए थे. 

इंडिया टुडे से जुड़े अरुण त्यागी की रिपोर्ट के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की अधिकारी नित्या द्विवेदी ने कहा,

Image embed

अधिकारी के मुताबिक, जब वो लोग आश्रम पहुंचे तो उन्होंने किचन और कमरे देखे. कमरों में 2-3 बुजुर्ग बंधे हुए मिले, जिनको रेस्क्यू कर लिया गया है. 

मामले पर नोएडा पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, 

Image embed

पुलिस ने बताया कि मामले में महिला आयोग और प्रशासन संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई कर रही है. 

वीडियो: बॉयकॉट के बीच नीरु बाजवा ने सरदार जी 3 से जुड़े सारे पोस्ट्स डिलीट किये

Advertisement

Advertisement

()