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नोएडा DM मेधा रूपम ने परेशान होकर डिलीट किया एक्स अकाउंट, CEC ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं

वोट चोरी के मुद्दे को लेकर, सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar की आलोचना की जा रही है. इसी मामले को लेकर उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी निशाना बनाया जा रहा है.

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Medha Roopam Noida DM
मेधा रूपम 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं. (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)
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अरविंद ओझा
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21 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 21 अगस्त 2025, 11:10 AM IST)
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उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर की DM मेधा रूपम (Medha Roopam) ने अपना एक्स अकाउंट अस्थाई रूप से निष्क्रिय कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया यूजर्स उनको ट्रोल कर रहे थे. मेधा के पिता ज्ञानेश कुमार, देश के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. बिहार में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) की ओर से वोटर लिस्ट को लेकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चलाया जा रहा है. 

इसी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर ज्ञानेश कुमार की आलोचना की जा रही है. इसके अलावा विपक्ष ने उन पर अन्य राज्यों में भी वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में ज्ञानेश कुमार के परिवार और रिश्तेदारों के बारे में भी टिप्पणियां की जा रही हैं. इसी के बाद मेधा रूपम ने अपना एक्स अकाउंट निष्क्रिय कर दिया है.

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मेधा रूपम ने अपना एक्स अकाउंट निष्क्रिय कर दिया है.
यूजर्स ने मेधा रूपम के बारे में क्या लिखा?

कई यूजर्स ने एक्स पर लिखा कि ज्ञानेश कुमार की बेटियां और दामाद महत्वपूर्ण पदों पर हैं. उनकी बहाली और काम करने की जगह को लेकर भी कई तरह के सवाल उठाए गए.

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ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया.

हालांकि, कई लोगों ने इस मामले से मेधा रूपम को जोड़ने का विरोध किया. 

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कुछ यूजर्स ने मेधा रूपम का बचाव किया.

ये भी पढ़ें: मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की तैयारी, खरगे के दफ्तर में विपक्ष की बड़ी मीटिंग

ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगे हैं?

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा पर वोट चोरी और पक्षपात के आरोप लगाए हैं. रिपोर्ट है कि INDIA गठबंधन में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है. हालांकि, ज्ञानेश कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है. 

मामला तब गरमाया, जब ECI ने आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड जैसे दस्तावेजों को SIR की प्रक्रिया से बाहर रखने की घोषणा की. मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा. इसी दौरान चुनाव आयोग ने बिहार की वोटर लिस्ट का पहला ड्राफ्ट रोल जारी कर दिया. पता चला कि 65 लाख वोटर्स के नाम अलग-अलग कारणों से बाहर कर दिए गए हैं. इस मामले को लेकर बिहार में विपक्ष की ओर से कई यात्राएं निकाली गई हैं. इसके अलावा राहुला गांधी ने ECI पर अन्य राज्यों की वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.

बिहार वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को उन 65 लाख वोटर्स के नामों की लिस्ट जारी करने का आदेश दिया है. साथ ही ये भी निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में आधार कार्ड को भी शामिल किया जाए.

वीडियो: जानें कौन हैं नए CEC ज्ञानेश कुमार? धारा 370 के समय अहम भूमिका निभाई थी

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