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यमुना-हिंडन डूब क्षेत्र पर नोएडा अथॉरिटी का महा-एक्शन, 5 दिनों तक चलेगा सबसे बड़ा बुलडोजर अभियान

Noida Bulldozer Action: नोएडा अथॉरिटी ने यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र (फ्लडप्लेन) में बने अवैध फार्महाउस, पक्के मकान और रिसॉर्ट्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी तोड़फोड़ मुहिम शुरू कर दी है. सीईओ के सख्त आदेश के बाद अगले 5 दिनों तक चलने वाले इस महाअभियान में सभी अवैध ढांचों को पूरी तरह जमींदोज किया जाएगा.

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17 जून 2026 (पब्लिश्ड: 03:11 PM IST)
Noida Bulldozer Action
यमुना-हिंडन डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा प्रहार (प्रतीकात्मक फाइल फोटो)
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बुलडोजर का एक्शन अब उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में शुरू हुआ है. बाढ़ के खतरों को देखते हुए नोएडा विकास प्राधिकरण ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू की है. नोएडा अथॉरिटी के इस एक्शन के पीछे नदियों के इको सिस्टम को बचाने का मकसद भी बताया जा रहा है. इस बुलडोजर एक्शन में यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र (फ्लडप्लेन) में बने अवैध फार्महाउस, पक्के मकान, आलीशान रिसॉर्ट और कमर्शियल ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश के सख्त आदेश के बाद, सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह से जमींदोज करने के लिए 20 जून 2026 तक का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है.

इस महाअभियान के तहत अगले पांच दिनों तक लगातार अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की जाएगी. अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का स्थायी या अस्थायी व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अथॉरिटी का सख्त रुख: लापरवाही पर गिर सकती है गाज

विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक के दौरान नोएडा अथॉरिटी के सीईओ ने वर्क सर्किल 4, 6, 7, 8, 9 और 10 के अधिकारियों को इस मामले में कड़ी हिदायत दी है. सीईओ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 20 जून की तय समय सीमा के भीतर तय किए गए अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया, तो जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बुलडोजर एक्शन की जरूरत क्यों?

अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यमुना और हिंडन का डूब क्षेत्र बेहद संवेदनशील और नोटिफाइड एरिया है. पिछले कुछ सालों में भू-माफियाओं ने यहां अवैध रूप से प्लॉटिंग करके लोगों को जमीनें बेचीं. जिसके बाद लोगों ने स्विमिंग पूल, फार्महाउस और पक्के ढांचे खड़े कर लिए.

इन इलाकों में रहने वाले किसानों का कहना है कि मानसून के दौरान जब नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो इन अवैध निर्माणों के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है. जिसके चलते भयंकर जलभराव होता है और वहां रह रहे श्रमिकों, मालियों और मवेशियों की जान आफत में पड़ जाती है.

हर साल जिला प्रशासन इन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाता है. इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ये कड़ा फैसला लिया गया है.

बुलडोजर एक्शन कहां-कहां होगा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएडा अथॉरिटी की टीमें भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के साथ दोनों नदियों के डूब क्षेत्रों को निशाना बना रही हैं. जहां तक यमुना क्षेत्र का सवाल है तो  सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 150 और 168 के आसपास के डूब क्षेत्र में अथॉरिटी के बुलडोजर चलेंगे. 

जबकि हिंडन क्षेत्र की बात करें तो छिजारसी एंट्री पॉइंट से लेकर सेक्टर-63ए, बहलोलपुर, शाहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-115, 118, 123, 143, 143ए, 148 और मोमनाथल तक के दायरे में ये कार्रवाई फैलेगी.

किस तरह के निर्माणों को गिराया जाएगा?

फ्लडप्लेन जोन के भीतर बने सभी अवैध पक्के मकान, बिना अनुमति के विकसित किए गए वीआईपी फार्महाउस, अवैध रूप से चल रहे कमर्शियल रिसॉर्ट, स्विमिंग पूल और बाउंड्री वॉल को चिन्हित किया गया है. भारी-भरकम जेसीबी और डंपर मशीनों के जरिए इन सभी अवैध ढांचों को ढहाकर जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. प्रशासन इन अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी में है.

वीडियो: नोएडा के सबसे बड़े फर्नीचर मार्केट में आग, चश्मदीदों ने क्या बताया?

सामान्य प्रश्न

नोएडा में बुलडोजर कार्रवाई मुख्य रूप से कहां-कहां होगी?

नोएडा में यमुना और हिंडन दोनों नदियों के डूब क्षेत्र पर एक्शन होगा यमुना क्षेत्र: सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 150 और 168 के आसपास के डूब क्षेत्र. हिंडन क्षेत्र: छिजारसी एंट्री पॉइंट से लेकर सेक्टर-63ए, बहलोलपुर, शाहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-115, 118, 123, 143, 143ए, 148 और मोमनाथल तक के दायरे में ये कार्रवाई फैलेगी.

किस तरह के निर्माणों को पूरी तरह से गिराया जाएगा?

फ्लडप्लेन जोन के भीतर बने सभी अवैध पक्के मकान, बिना अनुमति के विकसित किए गए वीआईपी फार्महाउस, अवैध रूप से चल रहे कमर्शियल रिसॉर्ट, स्विमिंग पूल और बाउंड्री वॉल को चिन्हित किया गया है. भारी-भरकम जेसीबी और डंपर मशीनों के जरिए इन सभी अवैध ढांचों को ढहाकर जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है.

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