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'इनके दामन पर कोई दाग नहीं है', नीतीश का राज्यसभा का नामांकन करवाकर बोले अमित शाह

Nitish Kumar Rajya Sabha: JDU के अंदर एक वर्ग नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से नाखुश भी रहा. मगर नीतीश की राजनीति अब पटना से निकलकर दिल्ली की ओर चल निकली है. बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव होना है.

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राज्यसभा के लिए नामांकन पेपर सौंपते नीतीश कुमार. (ITG)
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शशि भूषण कुमार
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5 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 03:07 PM IST)
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बिहार का 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के महज चार महीने बाद ही नीतीश कुमार ने इस पद को छोड़ने का फैसला कर लिया है. अब उनकी नजर दिल्ली की राजनीति पर है. गुरुवार, 5 मार्च को उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया. अब सवाल उठ रहा है कि चंद दिनों में जब मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली होगी तो उस पर कौन बैठेगा?

राज्यसभा का नामांकन दाखिल करने के लिए नीतीश के साथ बड़ा राजनीतिक अमला था. इंडिया टुडे से जुड़े शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक अलयांस (NDA) के अन्य साथियों के साथ नीतीश ने राज्यसभा के लिए अपना आधिकारिक दावा पेश किया. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार के सियासी सफर पर बात करते हुए कहा, "नीतीश कुमार ने अपने शासन काल में बिहार को जंगल राज से मुक्त करने का काम किया. बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा. इनके दामन पर कोई दाग नहीं है."

पटना से विदाई हो चली, तो नीतीश ने अपने वोटर्स को भी खास संदेश दिया. जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सुप्रीमो ने लंबे समय तक उनका समर्थन करने के लिए मतदाताओं का धन्यावद दिया. नीतीश ने कहा कि वोटर्स के भरोसे की बदौलत ही वे दो दशक तक राज्य की सेवा कर पाए.

नामांकन दाखिल करने से पहले नीतीश कुमार ने X पर लिखा,

"संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं. इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं.

मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पहले की तरह कायम रहेगा. जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा."

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नीतीश कुमार का पोस्ट. (X @NitishKumar)

हालांकि, पार्टी के अंदर एक वर्ग नीतीश के राज्यसभा जाने से नाखुश भी रहा. मगर नीतीश की राजनीति अब पटना से निकलकर दिल्ली की ओर चल निकली है. बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव होना है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को और पार्टी के बिहार महासचिव शिवेश कुमार को मैदान में उतार दिया है.

NDA खेमे से नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवारी पेश की. JDU से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए पार्टी के दूसरे उम्मीदवार हैं. विपक्ष के सूत्रों से पता चला है कि राज्यसभा की एक सीट पर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) भी उम्मीदवार खड़ा कर सकती है.

अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो उनके लंबे राजनीतिक करियर में एक और मील का पत्थर जुड़ जाएगा. वे पहले ही बिहार विधानसभा, बिहार विधानपरिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. संसद के ऊपरी सदन में एंट्री उन्हें उन गिने-चुने नेताओं में से एक बना देगी जो चारों सदन- बिहार के दोनों सदन और संसद के दोनों सदन का हिस्सा रहे हैं.

उन्होंने केंद्र सरकार में कोई बड़ी भूमिका कबूल की, तो BJP मुख्यमंत्री पद के लिए अपना दावा ठोक सकती है. 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में BJP सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी थी. संख्याबल के लिहाज से BJP की मजबूत स्थिति है.

मौजूदा बिहार विधानसभा में BJP के 89 विधायक हैं. दूसरे नंबर पर नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 85 विधायक हैं. राज्य सरकार में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP RV) समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) जैसे राजनीतिक दलों का भी अहम योगदान है.

वीडियो: बिहार में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार चुप क्यों?

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