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'कॉलेज से बाहर जाकर जान दो... ', NIT कुरुक्षेत्र में 4 स्टूडेंट्स की मौत के बाद अंदर की बातें पता चलीं

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में बीते दो महीनों में जान देने का ये चौथा मामला है. छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर ने NIT के बजाय कहीं और जाकर सुसाइड करने की बात कही थी. उन्होंने इस मामले में NIT प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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17 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2026, 11:03 AM IST)
nit kurukshetra student suicide case
घटना के बाद छात्रों ने देर रात कैंपस में इकट्ठा होकर हंगामा किया. (फोटो: आजतक)
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हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र के हॉस्टल में एक और स्टूडेंट ने अपनी जान दे दी (NIT Suicide Case). मृतका की पहचान दीक्षा के तौर पर हुई है, जो बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा थीं. घटना के बाद छात्रों ने देर रात कैंपस में इकट्ठा होकर हंगामा किया. बीते दो महीनों में सुसाइड का यह चौथा मामला है. NIT प्रशासन ने एक कमेटी भी बनाई थी, जिसका काम छात्रों की समस्याओं को दूर करना था. लेकिन कमेटी बनने के बाद ही दीक्षा ने यह कदम उठाया.

आजतक से जुड़े चंद्र प्रकाश की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला गुरुवार, 16 अप्रैल का है. दोपहर में लैब से हॉस्टल आने के बाद दीक्षा ने अपने रूम में सुसाइड कर लिया. छात्रों ने इस मामले में NIT प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और सीबीआई जांच की मांग की है. छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर ने NIT के बजाय कहीं और जाकर सुसाइड करने की बात कही थी. एक छात्रा ने आरोप लगाया,

“NIT प्रशासन ने अब हंगामे को देखते हुए हमारी छुट्टियां कर दी हैं. हमें जबरदस्ती घर जाने के लिए कहा गया है, जिससे मामले को दबाया जा सके.”

कई छात्रों ने बताया कि वे एकेडमिक स्ट्रेट से जूझ रहे हैं. प्रोफेसर और स्टूडेंट्स के बीच में गैप है. वे उन्हें अपनी समस्याएं बताने में असहज होते हैं. प्रशासन ने ऐसे छात्रों की काउंसिलिंग के लिए मेंटर रखे हैं, लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं दिख रहा. छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर कहते हैं कि सुसाइड करना तो कैंपस के बाहर करना. दीक्षा की एक दोस्त ने आरोप लगाया,

“उसके सुसाइड करते ही वार्डन को सूचित कर दिया गया था. वार्डन ने NIT की हेल्थ टीम बुलाई, तो टीम ने खिड़की से झांककर बिना जांच किए ही दीक्षा को मृत घोषित कर दिया. पहले तो वार्डन ने गेट भी नहीं खोला था. करीब तीन घंटे बाद शव को कमरे से बाहर निकाला गया."

NIT में लगातार बढ़ रहे सुसाइड मामले को लेकर छात्रों ने गुरुवार देर रात प्रदर्शन शुरू कर दिया. हंगामे को बढ़ता देख NIT प्रशासन ने मौके पर पुलिस बुला ली. छात्रों ने कॉलेज से मांग की है कि मिस मैनेजमेंट को ठीक किया जाए और इस मामले की सीबीआई जांच की जाए.

2 महीने में चार स्टूडेंट कर चुके सुसाइड

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले NIT के तीन अन्य स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं. 9 अप्रैल को सिरसा जिले के प्रियांशु वर्मा (22) ने अपनी जान दे दी थी. प्रियांशु बीटेक थर्ड ईयर के स्टूडेंट थे. हॉस्टल के रूम से उनका शव मिला था. प्रियांशु से पहले 31 मार्च को पवन कुमार (22) ने सुसाइड कर लिया था. पवन बीटेक सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे. वहीं दो महीने पहले 16 फरवरी को तेलंगाना के रहने वाले अंगोद शिवा (19) ने हॉस्टल के रूम में अपनी जान दे दी थी.

वीडियो: मध्य प्रदेश में कांस्टेबल ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार को ठहराया जिम्मेदार

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