डिलिमिटेशन से सिर्फ कांग्रेस को फायदा" बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा भी उठाया
Nishikant Dubey ने परिसीमन को लेकर Congress और DMK को घेरा. साथ ही उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों पर राज्य की डेमोग्राफी बदलने का आरोप लगाते हुए इनको बाहर करके नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया की मांग की.

परिसीमन को लेकर मचे घमासान के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने कांग्रेस और DMK पर दोहरी भाषा बोलने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 1973 में जनसंख्या के आधार पर हुए परिसीमन में केवल कांग्रेस शासित राज्यों में सीटें बढ़ाई गईं, जबकि तमिलनाडु (Tamil Nadu) जैसे राज्यों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बोलते हुए दुबे ने परिसीमन अधिनियम, 1973 की एक प्रति दिखाते हुए बताया कि कांग्रेस ने कहा था कि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होगा.
उनके मुताबिक,
झारखंड के गोड्डा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि 2008 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने झारखंड को परिसीमन की प्रक्रिया से बाहर रखा था. उन्होंने आगे दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने आदिवासी बहुल झारखंड की जनसांख्यिकी को बदल दिया है. साथ ही उन्होंने राज्य से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर कर नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया की मांग की.
2008 की परिसीमन प्रक्रिया के दौरान झारखंड को बाहर रखने पर विपक्ष की चुप्पी पर आपत्ति जताते हुए दुबे ने कहा,
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निशिकांत दुबे ने दावा किया कि झारखंड, बांग्लादेशी घुसपैठियों के चलते परिसीमन प्रक्रिया में कम से कम तीन विधानसभा सीटें और एक लोकसभा सीट खो देगा. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड में जबरन आदिवासी लड़कियों से शादी कर रहे हैं और उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं. दुबे ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जब परिसीमन की प्रक्रिया हो, तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को इसमें शामिल नहीं किया जाए.
वीडियो: 5 सदस्यीय परिसीमन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटें बढ़ाने की सिफारिश की

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