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Fastag-UPI होगा तभी पार कर पाएंगे टोल के 'द्वार', बदले रूल में कैश वाले फंस जाएंगे!

Toll Tax Cashless: भारत में हाइवे के टोल प्लाजा पूरी तरह से कैशलेस हो सकते हैं. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) देशभर के टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.

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No cash on toll plaza
टोल प्लाजा पर कैश का सिस्टम बंद होने वाला है. (india today)
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राघवेंद्र शुक्ला
21 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 21 फ़रवरी 2026, 07:18 PM IST)
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भारत में हाइवे और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर कैश में लेनदेन पूरी तरह से बंद होने वाला है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देशभर के टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल 2026 से कैश वाला सिस्टम बंद करने पर विचार कर रहा है. जो गाड़ियां गुजरेंगी वो या तो फास्टैग के जरिए टैक्स देकर जाएंगी. या यूपीआई से पेमेंट करेंगी. ये व्यवस्था इसलिए लाई जा रही है ताकि हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो को ज्यादा से ज्यादा बेहतर बनाया जा सके. कैश लेनदेन के दौरान अक्सर टोल प्लाजा पर गाड़ियों की भीड़ बढ़ जाती है. इससे जाम लगता है और ट्रैफिक ठप पड़ जाता है.

इससे निजात पाने के लिए हाईवे अथॉरिटी ने टोल प्लाजा को पूरी तरह से कैशलेस करने की योजना बनाई है. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, अथॉरिटी का कहना है कि ये कदम नेशनल हाइवे पर पूरी तरह से डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम बनाने के प्रोजेक्ट का हिस्सा है. 1 अप्रैल 2026 की प्रस्तावित तारीख के टोल प्लाजा पर भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से होंगे. 

बता दें कि मौजूदा हालात में हाइवे से गुजरने वाली ज्यादातर गाड़ियां पहले से ही FASTag का इस्तेमाल करती हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि हाल के वर्षों में FASTag का प्रयोग काफी तेजी से बढ़ा है. तकरीबन 98 फीसदी से ज्यादा वाहन पहले ही ई-टोल सिस्टम का प्रयोग कर रहे हैं. ज्यादातर पेमेंट फास्टैग स्टिकर से किए जा रहे हैं. इससे टोल प्लाजा पर गाड़ियां बिना रुके गुजरती हैं. यूपीआई से पेमेंट में भी चेंज इत्यादि के लेनदेन से निजात मिलती है. इससे ट्रैफिक फ्लूएंट बना रहता है और टोल पर जाम लगने की गुंजाइश कम होती है.    

फिलहाल टोल पेमेंट के जो नियम हैं, उसके मुताबिक, बिना वैलिड FASTag स्टिकर वाली गाड़ियां अगर कैश में पेमेंट करती हैं तो उन्हें टोल टैक्स की दोगुनी राशि का भुगतान करना पड़ता है. वहीं, अगर UPI से पेमेंट किया जाता है तो लागू टोल फीस 1.25 गुना ज्यादा लिया जाता है.

अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह से डिजिटल पेमेंट लागू किए जाने के बाद हाइवे और एक्सप्रेसवे पर मौजूद तकरीबन 1 हजार 150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर ट्रैफिक फ्लो में सुधार आने की उम्मीद है. 

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