The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • neet ug paper leak congress Nsui IYC protest Plea in Supreme Court seeking dissolution of NTA

NEET पेपर लीक पर सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक घमासान, NTA को खत्म करने की मांग उठी

देश भर में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और NSUI के कार्यकर्ता केंद्र सरकार और ‘नेशनल टेस्ट एजेंसी’ (NTA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. दूसरी तरफ, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें एनटीए के मौजूदा स्वरूप को खत्म करने की मांग की गई है.

Advertisement
pic
16 मई 2026 (पब्लिश्ड: 05:19 PM IST)
neet ug paper leak, congress Nsui protest, Plea in Supreme Court, dissolution of NTA
देश भर में कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: ITG)
Quick AI Highlights
Click here to view more

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और NSUI ने केंद्र सरकार और ‘नेशनल टेस्ट एजेंसी’ (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की है. दूसरी तरफ, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें एनटीए के मौजूदा स्वरूप को खत्म करने की मांग की गई है.

NTA के खिलाफ प्रदर्शन

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दिल्ली में ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. सैकड़ों कार्यकर्ता सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे हैं. बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल ने कई NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है.

वहीं, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास की ओर बढ़ते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. हाथों में संगठन के झंडे, बैनर और ‘22 लाख छात्रों के सपनों का सौदा बंद करो’ जैसी तख्तियां लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की भी हुई.

प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तुरंत अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल कर आग को बुझाया और स्थिति को नियंत्रित किया. रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कई सदस्यों को हिरासत में लिया गया है. इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और NSUI दोनों ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की विंग्स हैं. NSUI एक छात्र संगठन है, जबकि IYC कांग्रेस पार्टी की यूथ विंग है. 

राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन

इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, जयपुर और रांची समेत कई शहरों में यूथ कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पेपर लीक कांड ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है. छात्र संगठनों ने मांग की है कि इस पूरे घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच हो और एनटीए को भंग कर दिया जाए. 

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर 

यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की है. इंडिया से जुड़ी सृष्टि ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में एनटीए को खत्म करने और संसद के एक एक्ट के जरिए एक कानूनी नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाने की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि एनटीए, मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेस एग्जाम को कराने में असफल रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता एनटीए को एक कानूनी और स्वतंत्र संस्था बनाना चाहते हैं, न कि सिर्फ एक सरकारी समिति या रजिस्टर्ड ग्रुप. अभी एनटीए ‘सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860’ कानून के तहत सिर्फ एक 'सोसायटी' के रूप में रजिस्टर्ड है. इस स्वरूप में संस्था को चलाने के नियम, सरकार के प्रशासनिक आदेशों पर निर्भर करते हैं. इसके पास अपनी कोई मजबूत कानूनी शक्तियां या संसद के प्रति वैधानिक जवाबदेही भी नहीं होती है.

ये भी पढ़ें: NEET पर धर्मेंद प्रधान का ऐलान- 'अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा, इस बार एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा'

यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट की मांग है कि संसद में बाकायदा एक नया कानून पास करके एनटीए का गठन किया जाए. कानून बनने से संस्था को संवैधानिक और कानूनी मजबूती मिलती है. उदाहरण के लिए, UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) या संसद के अन्य बोर्ड इसी तरह बने हैं. नए कानून में संस्था के अधिकार, सजा के प्रावधान, पारदर्शिता और काम करने का तरीका तय होता है.

याचिका में यह तर्क भी दिया गया है कि परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार की गई गड़बड़ियों से भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, जो समानता और जीवन व आजीविका के अधिकार से संबंधित हैं.

वीडियो: नेतानगरी: NEET पेपर लीक में ‘बड़ी मछलियों’ को बचाया जा रहा? कैसे चुने गए केरलम CM?

Advertisement

Advertisement

()