NEET पेपर लीक का 'God' कौन? आरोपी के मोबाइल में दिखा नाम
NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में लातूर से डॉ. मनोज शिरुरे और पुणे के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है. आरोपी हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवलदार के फोन में तेजस शाह का नंबर 'God' (भगवान) के नाम से कॉन्टैक्ट में था.

NEET पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एक का नाम है 'God' (भगवान). मतलब फोन के कॉन्टैक्ट डिटेल में. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 27 मई को महाराष्ट्र के लातूर से डॉ. मनोज शिरुरे और पुणे के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को गिरफ्तार किया था.
इंडिया टुडे से जुड़े दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसी ने जब मामले में गिरफ्तार आरोपियों के फोन, लैपटॉप आदि खंगाले, तो आरोपी मनीषा हवलदार के मोबाइल में एक कॉन्टैक्ट 'God' नाम से सेव था. पता लगा कि ये शख्स तेजस शाह है. शाह भंग प्रभु मेडिकल एकेडमी इंस्टीट्यूट में लेक्चरर है. तेजस ने आरोपी मनीषा हवलदार से फिजिक्स के सवाल लिए थे.
लेक्चरर ने सवालों के लिए दिए 20 हजारमनीषा NTA के साथ काम कर रही थी और पुणे के एक स्कूल में हेडमिस्ट्रेस थी. आरोपी NTA में फिजिक्स के सवालों को तैयार करने में मदद कर रही थी. और उसने वही सवाल शाह को बोलकर बताए, जिन्हें लेक्चरर नोटबुक में नोट करता गया.
आरोप है कि शाह ने सवाल लिखे नोटबुक के पन्नों की तस्वीरें हवलदार के साथ शेयर कीं. मनीषा के पति के नंबर पर पैसे भेजे. एक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 20 हजार रुपये दिए गए थे. लेकिन CBI अधिकारियों को शक है कि हवलदार और शाह के बीच कैश में भी ट्रांजैक्शन हुआ हो सकता है.
तेजस ये सवाल लेकर RCC कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर के पास पहुंचा. जहां से ये बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे के हाथ लगे. रिपोर्ट के मुताबिक, शिरुरे ने लीक हुए ‘गेस पेपर’ को लेकर मोटेगांवकर के बेटे, भतीजी और भतीजे जैसे उम्मीदवारों के लिए खास सेशन का इंतजाम किया. इसके लिए आरोपी PV कुलकर्णी को 2 लाख से 10 लाख रुपये के बीच की रकम दी. शिरुरे और शाह को 1 जून तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया है.
परिजनों के घर पर भी छापेमारीCBI ने इस हफ्ते नांदेड़ में दो जगहों पर तलाशी भी ली. रिपोर्ट में बताया गया कि ये उन माता-पिता के ठिकाने हैं, जिन्होंने लीक किए गए 'गेस पेपर' खरीदे थे. ये पेपर मनीषा वाघमारे, शिवराज मोटेगांवकर, मनोज शिरुरे और अन्य लोगों के नेटवर्क के जरिए बेचे गए थे.
मामले में मोटेगांवकर के बेटे, शिरुरे की भतीजी और भतीजे जैसे कई उम्मीदवार को आरोपियों के खिलाफ गवाह बनाया जा सकता है. इन छात्रों ने PV कुलकर्णी के विशेष सत्रों में हिस्सा लिया था. CBI ने नीट पेपर लीक मामले में पिछले कुछ दिनों में 50 से ज्यादा जगहों पर तलाशी ली है. ऐसे में अभी और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
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