'कोई बड़ी बात नहीं', NEET पेपर लीक पर राजस्थान के मंत्री का बयान हताश कर देगा
NEET UG 2026 Paper Leak के आरोपी दिनेश बिवाल के साथ राजस्थान बीजेपी के कई नेताओं की तस्वीरें आई हैं. उन नेताओं में राज्य के स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर मदन दिलावर भी शामिल हैं. मदन दिलावर ने पत्रकारों से बातचीत में पेपर लीक के चलते नीट की परीक्षा रद्द किए जाने को छोटी बात बताया है.

NEET UG 2026 Paper Leak को लेकर देश भर में आक्रोश है. लगभग 23 लाख बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है. लेकिन राजस्थान के एक ‘माननीय’ मदन दिलावर को ये ‘छोटा मसला’ लग रहा है. वैसे वे राज्य के स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर भी हैं और पेपर लीक के आरोपियों के साथ उनकी तस्वीर भी वायरल है. अब उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की बात भी की है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के चलते मेडिकल एंट्रेस एग्जाम रद्द कर दिया है. पत्रकारों से इस पर बात करते हुए मदन दिलावर ने कहा, “जांच एजेंसियों को कुछ गड़बड़ियां मिली होंगी इसलिए उन्होंने इसे रद्द करने का फैसला किया. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जहां भी गड़बड़ी मिलेगी सरकार उनको ठीक करने के लिए काम करेगी.”
पेपर लीक के चलते एग्जाम रद्द किए जाने को छोटी बात बताने के बाद स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर ने दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है. उन्होंने कहा, “दोषियों का संबंध चाहे सीकर से हो, पश्चिम बंगाल से या फिर कश्मीर से हो, उनको कहीं भी बख्शा नहीं जाएगा.”
उधर विपक्षी कांग्रेस का दावा है कि आरोपियों और बीजेपी के बीच कथित संबंधों के चलते मामले की जांच में देरी की गई. मदन दिलावर उन बीजेपी नेताओं में शामिल हैं, जिनकी तस्वीरें नीट पेपर लीक मामले के आरोपी दिनेश बिवाल के साथ आई थीं.
मदन दिलावर के अलावा दिनेश बिवाल की राजस्थान के खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर और कई बीजेपी नेताओं के साथ भी तस्वीरें सामने आई हैं. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए कांग्रेस ने दावा किया है कि दिनेश बिवाल ‘बीजेपी का नेता’ है. हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आरोपी का बीजेपी से किसी तरह के जुड़ाव से इनकार किया है. उन्होंने कहा,
गलत जानकारी और बिना तथ्यों के आरोप लगाए जा रहे हैं. जिस व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है, वह हमारा कार्यकर्ता नहीं है. आजकल पब्लिक लाइफ में किसी के साथ फोटो खिंचवाना आम बात है. सिर्फ एक फोटो के आधार पर किसी को पार्टी से जोड़ना ठीक नहीं है.
नीट पेपर लीक की शुरुआती जांच में पता चला है कि इसका पूरा नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था. परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे थे. मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं.
वीडियो: कौन है राजस्थान पेपर लीक का आरोपी सुरेश ढाका जिसने 10-10 लाख में बेचा पेपर?

