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जबरन नमाज, शादी के नाम पर रेप, TCS यौन उत्पीड़न केस की FIR डिटेल सामने आई

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) नासिक में कुछ टीम लीडर्स पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगे हैं. SIT ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

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15 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 06:23 PM IST)
 TCS Nashik sexual harassement abuse forced religious conversion
SIT ने TCS के 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. (इंडिया टुडे)
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नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले की FIR डिटेल्स सामने आई हैं. TCS के BPO कैंपस के कुछ कर्मचारियों (टीम लीड) के खिलाफ धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. इन कर्मचारियों के खिलाफ 9 अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई हैं. इनमें जबरन नमाज अदा करवाने, धर्म परिवर्तन कराने के मकसद से जबरदस्ती नॉन वेज खिलाने, यौन उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर रेप और बच्चा न होने को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने जैसे आरोप शामिल हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में 18 से 25 साल के उम्र की महिलाएं शामिल हैं. FIR में उन्होंने दावा किया है कि ये घटनाएं साल 2022 से शुरु हुईं और अगले दो-तीन सालों तक चलती रहीं. इस मामले में छह पुरुष और दो महिला कर्मचारियों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई हैं. इनमें से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाकी दो लोगों की तलाश की जा रही है.

इस मामले में आसिफ अंसारी, दानिश, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तार को गिरफ्तार किया गया है. इनके अलावा अश्विन चैनानी नाम के एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है. चैनानी कंपनी की POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) समिति का ऑपरेशंस मैनेजर है. HR मैनेजर निदा खान के खिलाफ भी FIR की गई है, वो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

इस केस की जांच के एक स्पेशल इंस्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है. SIT ने 12 पीड़ित युवतियों की पहचान की है. एक युवती की शिकायत के बाद ये मामला सामने आया. उसकी शिकायत पर गुपचुप तरीके से जांच हुई. जांचकर्ताओं ने डिजिटल एविडेंस और एक्सटर्नल लिंक्स की भी जांच की.

ऑफिस के अंदर बनाया गया टारगेट

नासिक कोर्ट ने अश्विनी चैनानी की पुलिस कस्टडी बढ़ा दी है. SIT कंपनी के सर्वर से भेजे गए 78 ईमेल की जांच कर रही है. जांच टीम की कोशिश ये पता करने की है कि ये ईमेल ऑफिशियल थे या किसी साजिश का हिस्सा. SIT जांच में ये भी पता चला है कि अश्विनी चैनानी और तौसीफ अत्तर के बीच पिछले दो सालों में 38 बार बातचीत हुई थी. सरकारी वकीलों का आरोप है कि एक पीड़िता की शिकायत पर चैनानी ने कार्रवाई करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की. जांच एजेंसी संदिग्धों के बैंक अकाउंट, ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और वॉटसऐप चैट की डिटेल में जांच कर रही है. SIT इस केस के पीछे किसी बड़े नेटवर्क के होने की आशंका की भी जांच कर रही है. 

वीडियो: TCS नासिक में पुलिस का 'सीक्रेट मिशन', सामने आए यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के कई मामले

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