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नारायण मूर्ति ने फिर दोहराई अपनी बात, भारतीयों के लिए क्यों जरूरी है 'हफ्ते में 70 घंटे काम'

Narayana Murthy 70 Hour Workweek: नारायण मूर्ति इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स (ICC) के शताब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे. उनके साथ RPSG ग्रुप के चेयरमैन संजीव गोयनका भी मौजूद थे. इसी दौरान उन्होंने ये बातें कहीं.

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Narayana Murthy Explains Why He Wants 70-Hour Workweek
नारायण मूर्ति ने पूंजीवाद पर भी बात की है. (फ़ोटो - PTI)
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हरीश
16 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 12:43 PM IST)
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इंफोसिस के को-फाउंडर ने एक बार फिर अपने ‘हफ़्ते में 70 घंटे काम’ वाले स्टेटमेंट का बचाव किया है (Narayana Murthy 70-Hour Workweek). उन्होंने कहा कि युवाओं को ये समझना होगा कि हमें कड़ी मेहनत करनी होगी और भारत को नंबर-1 बनाने की दिशा में काम करना होगा. नारायण मूर्ति ने ये भी कहा कि एक समय तक वो वामपंथी थे. उन्होंने भारत की गरीबी और पूंजीवाद पर भी बात की है.

15 दिसंबर को नारायण मूर्ति कोलकाता पहुंचे थे. इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स (ICC) के शताब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में. इसी दौरान उन्होंने ये बातें कहीं. नारायण मूर्ति ने कोलकाता को संस्कृति का सबसे अच्छे से ध्यान रखने वाला शहर भी बताया. NDTV की ख़बर के मुताबिक़, नारायण मूर्ति आगे बोले,

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अरबपति नारायण मूर्ति का कहना था,

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इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स (ICC) की बैठक में RPSG ग्रुप के चेयरमैन संजीव गोयनका भी मौजूद थे. उनसे बात करते हुए नारायण मूर्ति ने ख़ुद से जुड़ा एक क़िस्सा सुनाया. उन्होंने कहा,

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संजीव गोयनका के साथ नारायण मूर्ति. (फ़ोटो - PTI)

ये भी पढ़ें - नारायण मूर्ति खुद कितने घंटे काम करते थे, सुधा मूर्ति ने बता दिया

उन्होंने आगे कहा,

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नारायण मूर्ति ने बताया कि तब उन्हें लगा कि अगर उन्हें वापस जाना है और उद्यमिता में प्रयोग करना है, तो उन्हें ‘दयालु पूंजीवाद’ (Compassionate Capitalism) को अपनाना होगा.

‘70 घंटे काम’ वाले बयान पर विवाद

दरअसल, एक पॉडकास्ट में नारायण मूर्ति ने कहा था कि भारत की काम की प्रोडक्टिविटी दुनिया में सबसे कम है और देश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को हफ़्ते में कम से कम 70 घंटे काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए. हालांकि, बाद में उन्होंने साफ किया कि 70 घंटे वाला नंबर महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कड़ी मेहनत को लेकर फोकस्ड होना है.

वीडियो: सोशल लिस्ट : 'सप्ताह में 70 घंटे काम’ और ‘वर्क लाइफ बैलेंस’ पर नारायण मूर्ति हुए ट्रोल

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