नागपुर हिंसा अपडेट: "धार्मिक निशान वाले कपड़े नहीं जलाए गए..." पुलिस और CM फडणवीस का बड़ा बयान
Maharashtra के CM Devendra Fadnavis ने कहा है कि हिंसा के दौरान पुलिस पर हमला करने वालों को कब्र से खोदकर निकाला जाएगा. किसी भी हाल में उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

नागपुर में हुई हिंसा (Nagpur Violence) को लेकर पुलिस का बड़ा बयान सामने आया है. पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जलाए गए कपड़े पर कोई धार्मिक निशान नहीं था. ऐसी अफवाहें थीं कि मुसलमानों की क़लमे की चादर और औरंगज़ेब की तस्वीर जलाई गई थी. इस मामले में हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए.
इसको लेकर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया.
"आरोपियों को कब्र से निकालेंगे…"इससे पहले, 19 मार्च को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हिंसा की पुनः निंदा की. विधानसभा में गृह विभाग की बजटीय मांगों पर बहस का जवाब देते हुए उन्होंने कहा,
हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. एक महिला पुलिसकर्मी ने उपद्रवियों पर यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगाए हैं. उन पर कई अन्य महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार के भी आरोप लगे हैं.
नागपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर भी कार्रवाई की है. आईटी एक्ट के तहत चार और मामले दर्ज किए गए हैं. इस तरह, हिंसा के मामलों में दर्ज एफआईआर की संख्या 10 हो गई है.
पुलिस ने शांति भंग करने के उद्देश्य से किए गए 140 से अधिक पोस्ट और वीडियो की पहचान की है. ये सामग्री फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर साझा की गई थी. हिंसा के मामले में अब तक 84 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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मुख्य आरोपी फहीम खानहिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे 21 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. खान पर आरोप है कि उसने करीब 500 लोगों को इकट्ठा किया और भड़काऊ भाषण दिया. आरोपी माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP), नागपुर का ‘शहर अध्यक्ष’ है. वह संजय बाग कॉलोनी, यशोधरा नगर का रहने वाला है. वह नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुका है.
मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क और महल इलाके में 17 मार्च को हिंसा भड़क गई. VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता छत्रपति संभाजीनगर जिले में इकट्ठा हुए थे. वे मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे थे. इसी दौरान अफवाहें फैल गईं और स्थिति बिगड़ गई.
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