बिहार में अधिकारियों ने विकलांग को ट्राई साइकिल दी, वो चली ही नहीं, बाइक से खींचना पड़ा
ये प्रोग्राम नरमा पंचायत स्थित रामप्यारी उच्च विद्यालय में आयोजित किया गया. यहां धनुषी गांव के रहने वाले सुरेंद्र कुमार को शिविर में बैटरी चालित ट्राई साइकिल सौंपी गई. सरकारी सहायता मिलने पर सुरेंद्र के चेहरे पर खुशी दिखी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी.

बिहार के मुजफ्फरपुर में विकलांगों की मदद के लिए एक सरकारी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. इस दौरान विकलांग लोगों को बैटरी वाली ट्राई साइकिल दी गई. लेकिन आरोप है कि एक विकलांग युवक को खराब बैटरी ट्राई साइकिल दी गई, जो कुछ देर बाद ही बंद हो गई. साइकिल का पहिया भी पंचर था. इसकी वजह से युवक को घंटों कड़ी धूप में परेशान होना पड़ा. बाद में एक युवक की मदद से युवक अपने घर पहुंचा. यह भी आरोप हैं कि प्रोग्राम में मौजूद अधिकारियों ने भी युवक की कोई मदद नहीं की.
घटना मंगलवार, 19 मई को बोचहां प्रखंड में हुई. इंडिया टुडे से जुड़े मणि भूषण शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, ये प्रोग्राम नरमा पंचायत स्थित रामप्यारी उच्च विद्यालय में आयोजित किया गया. यहां धनुषी गांव के रहने वाले सुरेंद्र कुमार को शिविर में बैटरी चालित ट्राई साइकिल सौंपी गई. सरकारी सहायता मिलने पर सुरेंद्र के चेहरे पर खुशी दिखी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी.
उन्होंने जैसे ही ट्राई साइकिल चलाने की कोशिश की, वो स्टार्ट ही नहीं हुई. बाद में पता चला कि ट्राई साइकिल का चक्का भी पंचर है. चश्मदीदों के मुताबिक, ट्राई साइकिल पूरी तरह खराब थी और उसे मौके पर ही चलाना संभव नहीं था. आरोप है कि ट्राई साइकिल खराब होने के बाद सुरेंद्र कुमार तेज धूप में घंटों वहीं बैठे रहे. शिविर में कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन फोटो खिंचवाने के बाद किसी ने उनकी मदद करना जरूरी नहीं समझा.

बाद में एक युवक सुरेंद्र की मदद करने के लिए सामने आया. उसने अपनी बाइक के पीछे लाल गमछा बांधकर खराब ट्राई साइकिल को उससे जोड़ा और धीरे-धीरे खींचते हुए, सुरेंद्र कुमार को उनके घर तक पहुंचाया.
बाद में सुरेंद्र ने कहा,
बड़ी उम्मीद लेकर शिविर में आया था. अधिकारियों ने गाड़ी तो दे दी, लेकिन वह कबाड़ निकली. न स्टार्ट हुई और चक्का भी पंचर था. अगर एक युवक मदद नहीं करता तो मैं धूप में ही फंसा रहता.
मामला बढ़ने के बाद बोचहां की BDO प्रिया कुमारी का भी बयान आया. उन्होंने कहा कि ट्राई साइकिलें उसी दिन जिला मुख्यालय से लाई गई थी. संभव है कि लाने के दौरान तकनीकी खराबी आ गई हो. उन्होंने आगे कहा कि कुछ ट्राई साइकिलों में पंचर की समस्या भी सामने आई थी, जिसे ठीक कराया जा रहा है. BDO ने यह भी आश्वासन दिया कि खराब बैटरी चालित ट्राई साइकिल को जल्द मैकेनिक से ठीक कराकर लाभार्थियों को सौंप दिया जाएगा.
वीडियो: दुनियादारी: क्या जिनपिंग ने पुतिन से मुलाकात के बाद ट्रंप को ठेंगा दिखा दिया?


