मुस्लिम टीचर ने उर्दू नज्म वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाई, FIR हो गई, अब HC ने बचाया
वीडियो में Pakistan के मशहूर शायर Shoaib Kiani की लिखी गई ‘बे-हया’ नाम की एक उर्दू नज्म पढ़ी गई थी. Madhya Pradesh High Court ने कहा कि इसे शेयर करना किसी भी तरह से सांप्रदायिक नफरत फैलाना नहीं है.
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कोर्ट ने कहा कि नज्म शेयर करना सांप्रदायिक नफरत फैलाना नहीं है. (सांकेतिक फोटो: आजतक)
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वीडियो: सुप्रीम कोर्ट Female Genital Mutilation पर चर्चा के दौरान वकील पर क्यों भड़का?

