तरबूज ने नहीं ली अब्दुल्ला के परिवार की जान? जांच कर रहे डॉक्टर को फूड पॉयजनिंग पर यकीन नहीं
मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों नसरीन, अब्दुल्ला और उनकी दो बेटियों आयशा, जैनब की मौत हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि ये केस सामान्य फूड पॉयजनिंग का नहीं था.

मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत सामान्य फूड पॉयजनिंग का मामला नहीं है. ये कहना है उस अस्पताल के डॉक्टरों का, जहां मृतक नसरीन, उनके पति अब्दुल्ला और दो बेटियों आयशा, जैनब का इलाज चल रहा था. डॉक्टरों ने बताया है कि फूड पॉयजनिंग के लक्षण अलग होते हैं. इसमें हालत इतनी तेजी से नहीं बिगड़ती है. डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि यह किसी जहरीले या केमिकल पदार्थ का असर हो सकता है. इसकी जांच की जा रही है.
तरबूज से परिवार की मौत का केस सामान्य नहीं?द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सर जेजे अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. संजय सुरासे ने कहा कि परिवार को आधी बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था. उनमें जो लक्षण दिख रहे थे तो वो सामान्य फूड पॉयजनिंग के लक्षणों से काफी अलग थे. उन्होंने कहा कि अगर ये फूड पॉयजनिंग होती तो उसके लक्षण बिल्कुल अलग होते. आमतौर पर इसमें इतनी तेजी से हालत नहीं बिगड़ती. न ही मामला इतना गंभीर होता है.
परिवार के सदस्यों की तबीयत में तेजी से गिरावट आ रही थी. डॉक्टर के मुताबिक एक ही परिवार के सभी लोगों का एक साथ इतना गंभीर बीमार होना नॉर्मल नहीं है. ऐसे में शक है कि यह किसी जहरीले या केमिकल पदार्थ का असर हो सकता है. डॉक्टर ने कहा कि वो इसकी जांच कर रहे हैं.
फूड पॉयजनिंग से ज्यादा सीरियसडॉ. सुरासे ने आगे कहा,
“तरबूज खाने के बाद नसरीन और उनकी बेटियों को सबसे पहले उल्टी होने लगी. इसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी. न्यूरोलॉजिकल डिक्लाइन यानी दिमागी नसों की हालत खराब होने लगी. इसके बाद वे बेहोश हो गए. ये हालत सिर्फ खाने की गड़बड़ी की ओर इशारा नहीं करती. यह किसी बाहरी पावरफुल जहरीले पदार्थ के संपर्क में आने का संकेत देती है. बेहोशी दिमाग के वर्कसिस्टम से जुड़ा होता है. इससे पता चलता है कि ये फूड पॉयजनिंग से कहीं अधिक गंभीर मामला है.”
ये घटना रविवार, 26 अप्रैल की है. अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी बेटियां 16 साल की आयशा और 12 साल की जैनब की कथित तौर पर तरबूज खाने के बाद हालत बिगड़ी. कुछ ही घंटों के अंदर सबकी मौत हो गई.
एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नसरीन को रविवार सुबह 11 बजे अस्पताल लाकर आईसीयू में भर्ती कराया गया. ढाई घंटे बाद उनकी मौत हो गई. आयशा को सुबह 11:55 पर अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनमें भी उनकी मां जैसे ही लक्षण थे. शाम को सवा 5 बजे उनकी मौत हो गई.
अब्दुल्ला को सुबह 11 बजे अस्पताल लाया गया और रात सवा 10 बजे उनकी जान चली गई. परिवार की सबसे छोटी सदस्य जैनब की भी कुछ ही घंटों के भीतर मौत हो गई.
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