The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Mumbai watermelon case Rat poison found in watermelon that killed family of four

तरबूज खाकर कैसे हुई परिवार की मौत? FSL की रिपोर्ट में पता चला

Rat poison found in watermelon Mumbai: परिवार के आखिरी भोजन (चिकन बिरयानी, तरबूज, पानी और अन्य खाने की चीजें) के नमूने उनके घर से इकट्ठा कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए. अब FSL ने अपनी रिपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंपी है.

Advertisement
pic
7 मई 2026 (अपडेटेड: 7 मई 2026, 10:59 PM IST)
Rat poison found in watermelon Mumbai
चारों मृतकों के शरीर से ज़िंक फॉस्फाइड' मिला है. (फोटो-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

तरबूज खाने के बाद परिवार की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने बताया है कि तरबूज और चारों मृतकों के शरीर के अंदर चूहों के जहर में इस्तेमाल होने वाला 'जिंक फॉस्फाइड' मिला है. रिपोर्ट मुंबई पुलिस को भेज दी गई है.

26 अप्रैल को पाइधोनी बिल्डिंग में रहने वाले अब्दुल डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसीम (35) और बच्चे आयशा (16) व जैनब (13) की मौत हो गई थी. बताया गया कि उन्होंने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खाई थी. उनके चले जाने के बाद देर रात परिवार ने तरबूज खाया. इसके कुछ ही घंटों में उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे. फूड पॉइजनिंग के शक में उन्होंने एक डॉक्टर को बुलाया, जिसने उन्हें दवा दे दी.

मगर दवा से कुछ नहीं हुआ, तो परिवार तुरंत अस्पताल गए. लेकिन एक-एक करके सबकी मौत हो गई. एक बच्ची को निजी अस्पताल में एडमिट करने से पहले ही डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. जबकि परिवार के अन्य सदस्यों की मुंबई के सरकारी JJ अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना के बाद पुलिस ने 'आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट' दर्ज की और जांच शुरू कर दी.

परिवार के आखिरी भोजन (चिकन बिरयानी, तरबूज, पानी और अन्य खाने की चीजें) के नमूने उनके घर से इकट्ठा कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए. अब FSL ने अपनी रिपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंपी है. इसमें सभी मृतकों के विसरा (लीवर, किडनी और स्प्लीन के नमूने), पित्त और पेट की चर्बी के नमूनों में 'जिंक फॉस्फाइड' पाया गया है. तरबूज के नमूने में भी 'जिंक फॉस्फाइड' होने की पुष्टि हुई. अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों में ये नहीं मिला है.  

जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल चूहों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. इसे खेतों या अनाज के गोदामों में 'सिंगल-डोज' जहर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया,

“आमतौर पर जिंक फॉस्फाइड एक पाउडर होता है. ये हो सकता है कि किसी ने तरबूज काटते समय उस पर पाउडर छिड़का हो. और बाद में फल खा लिया. हालांकि, असल में क्या हुआ, यह पता लगाने के लिए पुलिस बेहतर स्थिति में होगी.”

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट मिल गई है और अब वे इस बात की जांच करेंगे कि तरबूज में चूहे मारने का जहर किसने मिलाया था. पुलिस ने कहा कि वो हर पहलू की जांच करेगी.

वीडियो: सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ को पीछा करके कैसे मारा गया?

Advertisement

Advertisement

()