मुंबई एक्सप्रेसवे जो गया रो दिया, 24 घंटों से फंसे यात्री, सड़क पर बन रहा खाना, वजह एक टैंकर है
Mumbai Pune Expressway Traffic Jam: कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम में फंसे यात्रियों की अपनी शिकायतें हैं. इलाज के लिए जा रहे मरीज भी जाम में फंसे हैं. प्रशासन ट्रैफिक नॉर्मल करने की लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है.

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम लगा है. 24 घंटों से गाड़ियां एक्सप्रेसवे पर फंसी हुई हैं. यात्रियों, मरीजों और ड्राइवरों सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रक वाले खाने-पीने की किल्लत की शिकायत कर रहे हैं. लगभग 12 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतार है. बुधवार, 4 फरवरी की देर शाम तक राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
जाम के हालात मंगलवार, 3 फरवरी को 5 बजे के आसपास बने. रायगढ़ जिले के खंडाला घाट सेक्शन पर प्रोपलीन गैस ले जा रहे एक टैंकर का ढलान पर कथित तौर पर कंट्रोल बिगड़ गया और वो पलट गया. इसके तुरंत बाद गाड़ी से गैस लीक होने लगी. प्रोपलीन एक ज्वलनशील गैस है. आग लगने के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने एहतियातन मुंबई जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया.
इंडिया टुडे से जुड़े मुस्तफा शेख की रिपोर्ट के मुताबिक, लीक जारी रहने पर नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की इमरजेंसी टीमों को तुरंत हालात संभालने के लिए भेजा गया.
अधिकारियों का कहना है कि बुधवार की सुबह तक 50 फीसदी गैस सुरक्षित रूप से बाहर निकल गई है. उन्होंने आगे बताया कि शाम तक बाकी गैस के भी रिलीज होने की उम्मीद है. कई किलोमीटर तक फंसी गाड़ियों के फोटो-वीडियो भी सामने आ रहे हैं. ट्रक को खड़ा करके बीच सड़क पर रोटी बना रहे नरेश पाल ने बताया,
"पुदुचेरी से निकले थे, मुंबई जा रहे हैं. मुंबई-पुणे एक्सप्रेस पर जाम में सुबह से ही रुके हैं. जो आटा था, उसकी रोटी बना रहे हैं. अभी पानी भी नहीं है. एक लीटर पानी मिला, तो उससे रोटी भी बना रहे हैं. यहीं जाम में फंसे हुए हैं. इतना टाइम तो कभी नहीं लगता है. एक घंटा, दो घंटा, ऐसा लगता है. ज्यादा टाइम हो गया है, सुबह से ही खड़े हैं. हमारे पास ये सामान रहता है. हम जहां रुकते हैं, वहां खाना बना लेते हैं. अभी कोई कंफर्म नहीं बताया कि कब तक जाम खुलेगा."
इंडिया टुडे से जुड़े श्रीकृष्ण जगन्नाथ पांचाल ने जाम में फंसे कुछ यात्रियों से बात की. मुंबई जा रहे एक यात्री ने बताया,
“मैं लातूर से आया हूं. एक दोस्त को साथ लेकर निकला हूं. हमारी कार में कैंसर का मरीज है, जिसे मुंबई के टाटा अस्पताल में सुबह 8 बजे पहुंचना था. हम रात 10 बजे लातूर से निकले थे, लेकिन सुबह 4 बजे से ट्रैफिक जाम में फंसे हुए हैं. अब हालात ऐसे हैं कि समय पर वहां पहुंचना संभव ही नहीं लग रहा. यह हमारे लिए बेहद गंभीर और दर्दनाक स्थिति है.”
एक अन्य यात्री ने शिकायत करते हुए कहा,
"प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई. ट्रैफिक जाम लगने के बाद पुराने हाईवे से वैकल्पिक मार्ग निकाला जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया. इस जाम में मरीज भी फंसे हुए हैं. सरकार तेज और सुगम यात्रा के नाम पर टोल तो वसूलती है, लेकिन आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय होनी चाहिए.
पुणे–मुंबई एक्सप्रेसवे पर अक्सर ट्रैफिक जाम होता है. हमने टोल भरकर यात्रा शुरू की और अब इसी जाम में फंसे हुए हैं. तो क्या हमारा टोल वापस किया जाएगा? हम पैसे देकर यहां फंसे हैं, और यही सबसे बड़ा सवाल है."
हाईवे पुलिस के तानाजी चीखले ने बताया कि गैस टैंकर से हो रहे रिसाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मुंबई लेन पूरी तरह बंद की गई है. उन्होंने आगे कहा,
"NDRF, BPCL और अन्य राहत टीमें मौके पर युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं. स्थिति नियंत्रण में लाने की पूरी कोशिश की जा रही है, और जब तक गैस लीकेज पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक यातायात में रुकावट बनी रह सकती है."
महाराष्ट्र हाईवे ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक ट्रैफिक सामान्य नहीं हो जाता, तब तक मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर जाने से बचें.
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