The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • mumbai kid lost 10 kg smartphone use in children below 12 can lead depression obesity study

दिन भर फ़ोन चलाता था, बच्चे का वजन 5 महीने में 10 किलो बढ़ गया, ऐसे हालात में आप क्या करें?

अभिभावक ने जब अपने 10 साल के बच्चे को फ़ोन दिलवाया तो उनकी चिंता बढ़ गई. केवल 5 महीने में बच्चे ने 10 किलो वज़न बढ़ा लिया. अभिभावक बाल मनोवैज्ञानिक और पैरेंटल कोच के पास गए. स्मार्टफोन से होने वाले खतरों को लेकर पैरेंटल कोच ने क्या बताया? इस बारे में जो रिसर्च हैं, उनमें क्या सामने आया है?

Advertisement
kids oversuse smartphone leads obesity depression
फ़ोन चलाने वाले 12 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापे और डिप्रेशन का खतरा ज्यादा होता है. (फोटो-प्रतीकात्मक, इंडिया टुडे)
pic
शुभम कुमार
4 दिसंबर 2025 (अपडेटेड: 4 दिसंबर 2025, 11:45 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बच्चों को किस उम्र में स्मार्ट फ़ोन देना चाहिए ये हमेशा चर्चा का विषय रहता है. अगर बचपन में फ़ोन दे दिया तो आदत बिगड़ जाएगी और दिन भर फ़ोन में ही लगे रहेंगे. अगर नहीं दिया तो कहीं उन्हें ऐसा ना लगे कि मम्मी-पापा प्यार नहीं करते. इसी दुविधा के चलते मुंबई में एक अभिभावक ने अपने 10 साल के बच्चे को आखिरकार फ़ोन दिला ही दिया. 

लेकिन, इसके बाद उनकी चिंता बढ़ गई. केवल 5 महीने में बच्चे का 10 किलो वज़न बढ़ गया. अभिभावक की चिंता बढ़ी तो वो बाल मनोवैज्ञानिक और पैरेंटल कोच, उर्वशी मुसले के पास गए. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उर्वशी ने बताया, 

Embed

स्मार्टफोन से बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है? 

मनोवैज्ञानिक उर्वशी मुसले ने बताया कि 9 से 12 साल की उम्र, बच्चों के सीखने का सबसे अच्छा समय होता है. उन्होंने कहा,

Embed

उन्होंने एक और चिंताजनक कारण पर बात की. उन्होंने आगे कहा,

Embed

ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से बच्चों में निष्क्रिय व्यवहार की आदत भी पैदा होती है, जो बच्चों में मोटापे का एक मुख्य कारण है. 

फ़ोन की लत कैसे छुड़ा सकते हैं?

उर्वशी कहती हैं कि घर से शुरुआत करनी होगी. परिवार में डिजिटल स्वच्छता ज़रूरी है. उनके मुताबिक़ जिस रंग में माता-पिता रहेंगे बच्चे उसी रंग में ढल जाएंगे. उन्होंने मुंबई वाले केस का उदाहरण देते हुए कहा,

Embed

उर्वशी ने ये भी कहा कि स्मार्टफोन का शैक्षिक महत्व भी है जिसे नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है. लेकिन बच्चों को ये बताना ज़रूरी है कि स्मार्टफोन उनके बाकी गतिविधियों का एक छोटा-सा हिस्सा है.

रिसर्च में क्या सामने आया?

बच्चे को मोबाइल दें या न दें, ऐसी ही दुविधा चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल ऑफ़ फिलाडेल्फिया के मनोचिकित्सक रैन बरज़िले के मन में भी उपजी. एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़, उनके नौ साल के बेटे ने भी उनसे फ़ोन दिलवाने की ज़िद की. लेकिन इन्होंने दूसरा रुख अपनाया. अपनी टीम के साथ मिलकर इस मुद्दे पर रिसर्च किया. रिसर्च इस बात पर कि अगर 12 साल से कम उम्र के बच्चों को फ़ोन दिलाया तो क्या होगा, नहीं दिलाया तो क्या होगा. उन्होंने अपनी रिसर्च में कुल 10,500 बच्चों का डाटा कलेक्ट किया. नतीजतन उन्होंने पाया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे जो स्मार्टफ़ोन यूज़ करते हैं उनमें डिप्रेशन, खराब नींद और मोटापे का खतरा ज्यादा है. 

वीडियो: क्या लोग अब Insta, Snapchat, FB, पे कम कंटेंट पोस्ट कर रहे हैं? पोस्टिंग ज़ीरो क्या है?

Advertisement

Advertisement

()