The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • mother rolls bidis father is a waiter bihar board 10th topper sachin kumar inspiring story

मां बीड़ी बनाने का काम करती हैं, पिता वेटर हैं… बेटे ने बिहार बोर्ड में टॉप किया!

सचिन जमुई जिले के सिमिरिया गांव के रहने वाले हैं. वह गांव के ही उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के छात्र थे. उन्होंने इस परीक्षा में 500 में से 488 नंबर प्राप्त किए हैं. यानी 97.60% अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की है.

Advertisement
mother rolls bidis father is a waiter bihar board 10th topper sachin kumar inspiring story
बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा में दूसरा स्थान पाने वाले सचिन कुमार राम के संघर्षों की खूब चर्चा हो रही है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)
pic
सचेंद्र प्रताप सिंह
30 मार्च 2025 (Updated: 30 मार्च 2025, 11:06 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा में दूसरा स्थान पाने वाले सचिन कुमार राम के संघर्षों की खूब चर्चा हो रही है. सचिन की मां बीड़ी बनाने का काम करती हैं. वहीं पिता एक रेस्टोरेंट में वेटर हैं. सचिन खुद भी अपनी से कम उम्र के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं. उससे मिले पैसों से अपना खर्च चलाते हैं.

इंडिया टुडे से जुड़े राकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक सचिन जमुई जिले के सिमिरिया गांव के रहने वाले हैं. वह गांव के ही उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के छात्र थे. उन्होंने इस परीक्षा में 500 में से 488 नंबर प्राप्त किए हैं. 97.60% अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की है. सचिन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जल्दबाजी में साइंस का एक सवाल छूट गया. इससे वह प्रथम स्थान पाने से चूक गए. रिपोर्ट के मुताबिक सचिन को हिंदी में 100 नंबर में से 99, अंग्रेजी में 96, गणित में 100, विज्ञान में 98 और सामाजिक विज्ञान में 95 नंबर मिले हैं.

मां गुड़िया देवी बीड़ी बनाने का काम करती हैं. उन्होंने कहा कि बेटे के टॉप करने से उन्हें बहुत खुशी है. इसके अलावा सचिन रोजाना 5-6 घंटे ट्यूशन पढ़ाते हैं. इससे वह हर महीने 5 से 6 हजार रुपये कमा लेते हैं. इससे उनकी पढ़ाई का खर्च निकलता है.

सचिन कुमार राम ने कहा कि उन्हें घर की आर्थिक स्थिति देखकर दुख होता है. इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता और परिवार का नाम ऊंचा करने का संकल्प लिया. इसी कष्ट से उन्हें प्रेरणा मिलती है. सचिन ने आगे कहा कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहते हैं. जब उनसे IAS या IPS बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बहुत लोग IAS-IPS बनना चाहते हैं. लेकिन उसमें समय लगता है. डॉक्टर बनने का मुकाम जल्दी हासिल किया जा सकता है. इसलिए वह डॉक्टर बनना चाहते हैं. ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति जल्दी सुधार सकें.

सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सचिन ने बताया कि उन्हें जब भी कोई कन्फ्यूजन होता था, तो वह टीचर से बार-बार पूछते थे. उन्होंने दूसरे छात्रों को सलाह दी कि समय-समय पर रिवीजन करना जरूरी है. इसके अलावा NCERT की किताबों को फॉलो करते रहना चाहिए.

वीडियो: नीतीश कुमार पर क्या बोल गए तेजस्वी यादव? बिहार को खटारा नहीं नई गाड़ी...

Advertisement

Advertisement

()