The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • mohammad deepak interview lallantop kotdwar uttarakhand bajrang-dal-clash-rahul-gandhi

'अगर उस दिन नहीं बोलता तो इंसान नहीं रहता', 'मोहम्मद दीपक' ने लल्लनटॉप को सब बता दिया

लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में ‘मोहम्मद दीपक’ ने बताया कि उन्होंने मुस्लिम दुकानदार का साथ क्यों दिया. इसके अलावा दीपक ने राहुल गांधी के समर्थन और बजंरग दल पर भी खुलकर बात की.

Advertisement
mohammad deepak interview lallantop
दीपक कुमार ने लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में खुलकर बात की.
3 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 11:45 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

उत्तराखंड में कोटद्वार के ‘मोहम्मद दीपक’ इस वक्त देशभर में चर्चा में हैं. वजह यह नहीं कि ‘मोहम्मद’ और ‘दीपक’ एक साथ कैसे आ गए, बल्कि वह घटना है जिसमें उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार की मदद की. मामला तब शुरू हुआ जब बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने वकील अहमद सलमानी की दुकान पर आपत्ति जताई कि मुस्लिम होकर दुकान का नाम ‘बाबा’ कैसे रखा जा सकता है. इसी दौरान दीपक वहां सामने आए और विरोध करने वालों से भिड़ गए. जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने कहा ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है’. 

राहुल गांधी के समर्थन पर क्या बोले दीपक?

लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में दीपक कुमार से सबसे पहले राहुल गांधी के समर्थन पर सवाल किया गया. दीपक ने कहा कि राहुल गांधी जैसे बड़े नेता का समर्थन मिलना खुशी की बात है. उन्होंने बताया कि उन्हें भरोसा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया. आगे कहा,

जो किया वह इंसानियत के नाते किया और अगर आगे भी कहीं गलत होगा तो वे पीछे नहीं हटेंगे और आवाज उठाते रहेंगे.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राहुल गांधी को एक नेता के तौर पर पसंद करते हैं, तो दीपक ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी की सोच और लोगों से जुड़ने का तरीका अच्छा लगता है. उनके मुताबिक, राहुल गांधी छोटे-बड़े, अमीर-गरीब में फर्क नहीं करते और आम लोगों से भी उसी अपनेपन से बात करते हैं.

31 जनवरी को क्या हुआ था?

दीपक ने इंटरव्यू में बताया कि घटना से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर उन्हें धमकी दी गई थी. उन्होंने यह पोस्ट पुलिस को भी भेजी थी. उनके मुताबिक, 31 तारीख को बड़ी संख्या में लोग आए, गालियां दी गईं और परिवार को लेकर अपशब्द कहे गए. दीपक ने कहा कि जब परिवार को गाली दी गई तो वे चुप नहीं रह सके और नीचे आकर उनका सामना किया.

दीपक ने बताया कि जब उनकी जिम के बाहर सैकड़ों बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे, तब भी उन्होंने डर की जगह अपने ज़मीर की सुनी. उनका कहना है कि वे इंसान को इंसान की नजर से देखते हैं, जाति या धर्म से नहीं. दीपक ने बताया, 

अगर मैं उस दिन आवाज नहीं उठाता, तो खुद को इंसान नहीं मान पाता.

FIR पर जताई नाराजगी

1 फरवरी को पुलिस ने दीपक के खिलाफ FIR दर्ज की. FIR के मुताबिक, दीपक और उनके साथियों के खिलाफ गाली-गलौज करते हुए जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. 

दीपक ने इसे लेकर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि मानवता के नाते अपना फर्ज निभाया है. दीपक का कहना है कि FIR में चोरी जैसे आरोप लगाए गए, जबकि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी है. उनका आरोप है कि जिन लोगों ने हंगामा किया, उनके खिलाफ मामला ‘अज्ञात’ में दर्ज किया गया.

सोशल मीडिया सपोर्ट और ट्रेंड पर क्या कहा?

घटना के बाद से सोशल मीडिया पर ‘I Support Mohammad Deepak’ और ‘मैं भी मोहम्मद दीपक’ जैसे ट्रेंड चल रहे हैं. इस पर दीपक ने कहा कि केवल खड़े होना काफी नहीं है, गलत के खिलाफ आवाज उठाना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि जहां भी गलत हो, वहां आवाज उठाई जानी चाहिए. फिर चाहे सामने वाला किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो.

‘बाबा’ नाम क्या कहा?

दीपक ने कहा कि ‘बाबा’ शब्द किसी एक धर्म का नहीं है. हर धर्म में बाबा होते हैं-पीर बाबा, साईं बाबा और घरों में भी बड़ों को बाबा कहा जाता है. उन्होंने कोटद्वार की पीर बाबा मजार का उदाहरण दिया, जहां सभी धर्मों के लोग जाते हैं. दीपक ने साफ कहा कि वे हिंदू हैं, लेकिन उनका धर्म किसी से नफरत या गाली देना नहीं सिखाता.

ये भी पढ़ें: कौन बोल सकता है 'बाबा'? ये पढ़कर सब क्लियर हो जाएगा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा पर दीपक ने कहा कि कहीं भी किसी एक समुदाय को निशाना बनाना गलत है. चाहे वह भारत हो या बांग्लादेश. उन्होंने कहा कि वे हर जगह हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे.

आखिर में दीपक ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए मानसिकता बदलनी होगी. अगर हर किसी को धर्म के चश्मे से देखा जाएगा तो देश आगे नहीं बढ़ सकता. उन्होंने कहा कि पहले इंसान बनिए, अच्छा व्यवहार रखिए, क्योंकि हिंदुस्तान सिर्फ एक धर्म का नहीं, सभी का है.

वीडियो: मुस्लिम दुकान के बाहर 'बाबा' लिखा देख भड़के बजरंग दल के कार्यकर्ता, वीडियो वायरल

Advertisement

Advertisement

()