मोहम्मद दीपक को जिम खाली करने का आदेश, बोले- 'मकान मालिक कहता है मैं मुस्लिमों के साथ खड़ा हूं'
मोहम्मद दीपक का आरोप है कि उनके मकान मालिक ने ये कहकर उन्हें अपना सामान समेटने को कह दिया कि वो मुसलमानों के लिए खड़ा होने वाले को अपनी बिल्डिंग किराये पर नहीं देंगे.

उत्तराखंड में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को उपद्रवियों से बचाने वाले दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक का जिम बंद होने के कगार पर है. चार महीने से जिम का किराया न दे पाने की वजह से उनके मकान मालिक ने बिल्डिंग खाली करने को कह दिया है.
पहले खबर आई थी कि इस घटना के बाद दीपक के जिम में लोगों ने आना बंद कर दिया था. हालांकि, धीरे-धीरे हालात सुधर रहे थे और अब उनके जिम में 70 लोग हर दिन आने लगे थे. फिर भी बिल्डिंग के मालिक ने कथित तौर पर ये कहकर दीपक को अपना सामान समेटने को कह दिया कि वो मुसलमानों के लिए खड़ा होने वाले को अपनी बिल्डिंग किराये पर नहीं देंगे.
दीपक ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जिस बिल्डिंग में उनका जिम है, वो उसका चार महीने का किराया नहीं दे पाए हैं. लिहाजा मकान मालिक ने उन्हें बिल्डिंग खाली करने को कहा है. दीपक ने कहा,
मैं लगातार किराया नहीं दे पा रहा था. हालांकि, अब हालात सुधर रहे थे क्योंकि तकरीबन 70 लोग हर दिन आने लगे थे. फिर भी मकान मालिक ने ये कहकर मना कर दिया कि वह मुझे बिल्डिंग किराए पर नहीं देना चाहते क्योंकि मैं मुसलमानों के लिए खड़ा होता हूं.
इसके बाद अब दीपक के सामने रोजी-रोटी का संकट तो गहरा ही गया है. साथ ही वह अपना होम लोन भी नहीं चुका पा रहे हैं.
क्या है मामला?ये सब 26 जनवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब दीपक एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे कट्टरपंथी समूह के लोगों से भिड़ गए. बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे वे लोग मुस्लिम दुकानदार पर दबाव बना रहे थे कि वह अपनी दुकान के नाम ले ‘बाबा’ शब्द हटा लें. दीपक ने दखल दिया तो उपद्रव कर रहे लोगों ने उनका नाम पूछा. दीपक ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दीपक सुर्खियों में आ गए.
इसके बाद 31 जनवरी को बजरंग दल के लोगों ने दीपक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. वह दीपक के पास जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इस घटना के बाद खबर आई कि कई लोगों ने दीपक के जिम में आना बंद कर दिया. 150 लोगों से घटकर जिनम में आने वालों की संख्या सिर्फ 15 रह गई. इन सबके अलावा, दीपक को समाज में अलग-थलग करने की भी कोशिश हुई. सांप्रदायिक उन्माद ने असर दिखाया और दीपक का आर्थिक बहिष्कार भी शुरू हो गया.
इन सबका असर दीपक की अपनी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा. वह अपने जिम का 40 हजार रुपये महीने का किराया नहीं दे पा रहे थे. इसके अलावा, घर बनाने के लिए उन्होंने जो लोन लिया था, उसकी किस्तें भी भरने में मुश्किल हो रही थी.
कुछ वकीलों समेत कई लोगों ने दीपक की मदद करने की भी कोशिश की. दीपक ने बताया कि इससे उनकी काफी मदद भी हुई. धीरे-धीरे उनकी हालत सुधर रही थी. उनके जिम में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी थी, लेकिन अब मकान मालिक ने उन्हें बिल्डिंग खाली करने को कह दिया है.
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