मालवीय नगर के ये लोग न होते तो होटल की आग में मरने वालों की संख्या 21 से ज्यादा होती
दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित होटल में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत की खबर है. आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड समेत तमाम सरकारी अमला घटनास्थल पर पहुंचा और राहत बचाव में जुट गया. लेकिन उनके पहुंचने से पहले से कुछ लोग वहां अपनी जान पर खेलकर लोगों की जान बचाने में जुटे थे.

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे' होटल में 3 जून को भीषण आग लग गई. इस हादसे के चलते अब तक 21 लोगों की जान जाने की सूचना है. घटना की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई टीमें और पुलिस मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान का काम शुरू किया. पुलिस और फायर ब्रिगेड के साथ-साथ कुछ स्थानीय लोग भी अपनी जान पर खेलकर होटल में फंसे लोगों की जान बचाने में जुटे थे.
'लोगों की जान बचाकर खुशी मिली'
मैक्स हॉस्पिटल में काम करने वाले वसीम राजा हादसे के वक्त घटनास्थल पर मौजूद थे. वसीम मालवीय नगर के हौजरानी इलाके के रहने वाले हैं. उन्होंने होटल के अंदर लोगों को CPR दिया और बाहर निकालकर एंबुलेंस में भी उनकी मदद की. वसीम ने बताया,
हमें ट्रेनिंग दी जाती है कि किसी भी इमरजेंसी स्थिति, जैसे आग लगने पर, लोगों को CPR कैसे दिया जाए और उनका बचाव कैसे किया जाए. हमने तुरंत अपने मैनेजमेंट को भी सूचना दी. पूरी टीम समय पर पहुंच गई. जिन लोगों की जान बची है, उससे हमें खुशी है.
वसीम ने आगे बताया,
अधिकतर लोग आग से नहीं जले थे, वे धुएं की वजह से बेहोश हो गए थे. जिन लोगों को हमने मुंह से सीपीआर दिया,उनका मुंह धुंए से काला पड़ गया था, लेकिन वे जले नहीं थे. हमने बिना किसी हिचकिचाहट के मुंह से सांस देकर बचाने की कोशिश की. इस वजह से कुछ लोगों की जान बच सकी. हालांकि, कुछ लोगों को हम नहीं बचा पाए.
'गद्दे लगाए ताकि लोग कूदकर जान बचा सकें'
मोहम्मद अफजल भी फायर ब्रिगेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोगों की जान बचाने में जुटे थे. अफजल आग लगने की खबर सुनकर वहां पहुंचे थे. जब तक वे पहुंचे बिल्डिंग की आग भीषण हो चुकी थी. उन्होंने बताया,
हमने सामने मौजूद गद्दे की दुकान से गद्दे लेकर नीचे बिछाए, ताकि ऊपर फंसे लोग कूदकर अपनी जान बचा सकें. कुछ लोग कूदने में सफल रहे और अपनी जान बचा ली.
अफजल ने बताया कि आग बहुत ज्यादा थी इसलिए वहां मौजूद हाजी ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. फायर ब्रिगेड के पहुंचने और आग पर काबू पाने के बाद उन्होंने अंदर जा कर लोगों को बाहर निकालने में मदद की. उन्होंने आगे बताया,
हमने अरमान नाम की दुकान से गद्दे और बेडशीट लीं. दुकान मालिक ने इसके लिए इनकार नहीं किया. घायल लोगों को नीचे उतारने के लिए हमारे पास कोई साधन नहीं था. इसलिए हमने बेडशीट का इस्तेमाल स्ट्रेचर की तरह किया और लोगों को सुरक्षित बाहर लेकर आए.
मैक्स हॉस्पिटल के एक और कर्मचारी ने बचाई लोगों की जान
हौजरानी में रहने वाले मैक्स अस्पताल के एक और कर्मचारी आग लगने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान में मदद की. उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने के बाद वो और उनके साथी बिल्डिंग के अंदर गए और वहां फंसे हुए लोगों की जान बचाई.
वीडियो: Delhi Malviya Nagar Fire: होटल के पास कहां से परमिशन आई?


